बिलासपुर में फर्जी ई-चालान लिंक से 99 हजार रुपये पार! APK फाइल खोलते ही मोबाइल हैक, बैंक खाते से उड़ी रकम
बिलासपुर। जिले में साइबर ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। अब साइबर ठग फर्जी ऑनलाइन परिवहन चालान के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। मोटरसाइकिल के चालान का झांसा देकर मोबाइल पर APK फाइल का लिंक भेजा जा रहा है। जैसे ही व्यक्ति इस लिंक को खोलता है, उसका मोबाइल साइबर ठगों के निशाने पर आ जाता है। ऐसा ही एक मामला बिलासपुर के सकरी थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां फर्जी एम-परिवहन चालान लिंक के जरिए एक व्यक्ति के बैंक खाते से 99 हजार रुपये निकाल लिए गए।
₹2,500 के चालान का मैसेज समझकर खोला लिंक
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित सतीश कुमार साहू पिता राम बिहारी साहू, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम संबलपुरी, पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) हैं।
पीड़ित के मुताबिक, 20 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11 बजे उनके मोबाइल पर उनके साले निलेश साहू के माध्यम से एम-परिवहन APK फाइल का लिंक मैसेज में भेजा गया। लिंक के साथ बताया गया कि मोबाइल पर 2,500 रुपये का चालान आया है।
चालान की जानकारी समझकर सतीश कुमार ने भेजे गए लिंक को खोल दिया। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह लिंक साइबर ठगी का हिस्सा हो सकता है।
दो दिन बाद खाते से निकल गए 99 हजार रुपये
पीड़ित के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:10 बजे से 8:34 बजे के बीच बैंक ऑफ इंडिया, शाखा राजेंद्र नगर स्थित उनके खाते से अलग-अलग किस्तों में कुल 99,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए गए।
बताया गया है कि साइबर ठगों ने फर्जी लिंक के जरिए मोबाइल को हैक कर ऑनलाइन यूपीआई ट्रांजेक्शन के माध्यम से खाते से रकम निकाल ली। बैंक खाते से अचानक इतनी बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित के होश उड़ गए। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की।
सकरी पुलिस ने दर्ज किया अपराध
साइबर ठगी का शिकार हुए सतीश कुमार साहू ने सकरी थाना पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 999/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सावधान! ई-चालान के नाम पर आने वाले APK लिंक से रहें दूर
इस घटना ने एक बार फिर मोबाइल यूजर्स की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साइबर ठग सरकारी विभागों और परिवहन सेवाओं के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को फर्जी लिंक भेज रहे हैं।
- अनजान नंबर से आए APK फाइल या ऐप इंस्टॉल करने वाले लिंक को न खोलें।
- वाहन चालान की जानकारी केवल आधिकारिक परिवहन पोर्टल या अधिकृत ऐप से जांचें।
- किसी अनजान ऐप को मोबाइल की अनावश्यक अनुमति न दें।
- अपना OTP, UPI PIN और बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करें और cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराएं।
साइबर ठगों से सावधान रहें, जागरूक बनें
फर्जी ई-चालान के नाम पर सामने आया यह मामला लोगों के लिए चेतावनी है। थोड़ी सी लापरवाही से बैंक खाते में जमा मेहनत की कमाई कुछ ही मिनटों में गायब हो सकती है। इसलिए किसी भी अनजान लिंक को खोलने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें।






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