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नीले ड्रम में क्या मिला? पुलिस ने बिजली गुल कर की सर्चिंग

नीले ड्रम में क्या मिला? पुलिस ने बिजली गुल कर की सर्चिंग


प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में जमीन के अंदर गाड़कर रखे गए करोड़ों रुपये मिलने का मामला सामने आया है। नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर गांव में पुलिस ने एक मकान की तलाशी के दौरान जमीन में दबाए गए तीन नीले ड्रम बरामद किए। इन ड्रमों में ₹500 के नोटों की गड्डियां कपड़े में लपेटकर रखी गई थीं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बरामद नकदी की रकम पांच करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। हालांकि, नकदी की कुल राशि की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

गांव की बिजली कटवाकर पुलिस ने मारी रेड

जानकारी के मुताबिक, बरईपुर गांव निवासी राकेश यादव उर्फ महाकाल के पुश्तैनी मकान में बड़ी मात्रा में नकदी छिपाकर रखे जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। मामला पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया तक पहुंचने के बाद बुधवार शाम करीब 6 बजे डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार और एडीसीपी पुष्कर वर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

पुलिस ने सर्च अभियान से पहले गांव की बिजली कटवा दी। इसके बाद नवाबगंज सहित तीन थानों की पुलिस फोर्स के साथ मकान में तलाशी शुरू की गई। अभियान के दौरान सोरांव के एसीपी श्यामजीत प्रमिला सिंह भी मौजूद रहे।

जमीन में दबे मिले तीन नीले ड्रम

मकान की तलाशी के दौरान पुलिस को जमीन में दबाकर रखे गए तीन नीले ड्रम मिले। इनमें कपड़े से लपेटकर नोटों की गड्डियां रखी गई थीं। पुलिस ने नकदी को अपने कब्जे में लेकर मकान को सील कर दिया और आसपास के इलाके की घेराबंदी कर दी।

करीब साढ़े चार घंटे तक चले सर्च अभियान के बाद रात लगभग साढ़े दस बजे पुलिस टीम वापस लौटी। रात होने के कारण तलाशी अभियान रोक दिया गया। मकान के आसपास 40 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। घर के साथ बगीचे और खाली जमीन को भी घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया है।

दो सगे भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ

मामले में पुलिस ने राकेश यादव और उसके भाई बबलू को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पुलिस की टीमें परिवार के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ कर रही हैं। बरामद रकम के स्रोत और उसे जमीन के नीचे छिपाकर रखने के कारणों की जांच की जा रही है।

बताया जा रहा है कि नकदी की गिनती के लिए आयकर विभाग की टीम की मदद ली जाएगी। पुलिस को रकम के चोरी के पैसे होने का संदेह है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

गांववालों का दावा—कुछ वर्षों में खरीदी 22 बीघा जमीन

ग्रामीणों के अनुसार, राकेश यादव कई साल पहले पुणे में अपने बहनोई और साले के साथ रहकर एक सर्राफा व्यापारी के यहां काम करता था। कोविड काल के दौरान वह अपने गांव बरईपुर लौट आया था।

ग्रामीणों का दावा है कि इसके बाद उसने करीब 22 बीघा जमीन खरीदी, जिसकी कीमत दस करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। उसने लगभग एक करोड़ रुपये खर्च कर मकान बनवाया। इसके अलावा दो ट्रैक्टर, डीजे और पिकअप वाहन खरीदने के साथ सीमेंट-सरिया का कारोबार भी शुरू किया।

हालांकि, इन संपत्तियों और उनके वित्तीय स्रोतों को लेकर संबंधित विभागों की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

पड़ोसियों से विवाद के बाद जांच में सामने आया मामला

बताया जा रहा है कि पांच से छह दिन पहले राकेश यादव का पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों से विवाद हुआ था, जिसके बाद उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी मामले की जांच के लिए एक पुलिस उपनिरीक्षक उसके घर पहुंचे थे, जहां कथित तौर पर बहस हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और घर में बड़ी मात्रा में नकदी छिपाकर रखे जाने की सूचना पर कार्रवाई की।

पुलिस ने क्या कहा?

डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार के मुताबिक, रात होने के कारण बुधवार को सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया था। राकेश यादव के घर के आसपास पुलिस बल तैनात है। जमीन के नीचे दबाए गए तीन ड्रमों से करोड़ों रुपये बरामद हुए हैं।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। बरामद नकदी की सटीक राशि, उसके स्रोत और इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।


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