कतरास के आरटीआई कार्यकर्ता अरबिन्द सिन्हा ने धनबाद डीएसई भूतनाथ रजवार पर शिक्षक नियुक्ति नोटिफिकेशन से छेड़छाड़ कर अपने सगे भाई सुशील रजवार को अल्पसंख्यक स्कूल झरिया हिंदी गुजराती मध्य विद्यालय में नियुक्त कराने का आरोप लगाया था. इस संबंध में आरटीआई कार्यकर्ता ने धनबाद उपायुक्त, मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर कार्रवाई करने का मांग किया था. अरबिन्द सिन्हा के द्वारा दिए गए शिकायत के अनुसार झरिया हिंदी गुजराती मध्य विद्यालय में 14 शिक्षकों की नियुक्ति में भारी अनियमिता बरती गई. डीएसई के सगे भाई के अलावा अन्य शिक्षकों की नियुक्ति भी बड़े-बड़े पैरवी पर की गई. शिक्षक बहाली में कमेटी के पदाधिकारियों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अपने करीबी लोगों की नियुक्ति कराई. इसी क्रम में डीएसई ने भी अपने भाई को शिक्षक बनवाया. शिकायत के आलोक में बी एन रजवार के खिलाफ निदेशक लेखा प्रशासन एवं स्वर नियोजन धनबाद से जांच कराई गई. जांच रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ कि डीएसई का अपने भाई की नियुक्ति का अनुमोदन किया जाना उनके सरकारी आचार संहिता के विरुद्ध प्रतीत होता है. इसी रिपोर्ट के आधार पर धनबाद के तत्कालीन उपायुक्त वरुण रंजन ने डीएसई भूतनाथ रजवार के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को पत्र लिखा है. इसके साथ ही धनबाद जिले के अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षक बहाली में अनियमितता की शिकायत के बाद जांच का आदेश दिया गया था.
शिक्षक नियुक्ति अधिसूचना जारी होने के बाद डीएससी के भाई ने दिया था आवेदन
बताते चले की बी एन रजवार ने जिला शिक्षा अधीक्षक धनबाद के पद पर 5 अगस्त 2022 को पदभार ग्रहण किया था. शिक्षक नियुक्ति का नोटिफिकेशन उनके पदभार ग्रहण करने से पहले ही जारी हो गया था. पदभार ग्रहण करने के बाद डीएसई के भाई ने उक्त स्कूल में अपना आवेदन जमा किया. अखबार में प्रकाशित नियुक्ति नोटिफिकेशन के अनुसार बहाली का सूचना 3 अगस्त 2022 को प्रकाशित की गई. जिसमें आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तारीख 11 अगस्त 2022 और परीक्षा की तारीख 14 अगस्त 2022 निर्धारित थी. बी एन रजवार ने पत्रांक-2383 12 अगस्त 2022 को कतिपय कारणों से शिक्षक नियुक्ति परीक्षा स्थगित की और उसी दिन पत्रांक 2385 द्वारा तत्काल प्रभाव से उसे विलोपित कर दिया.
डीएसई ने बताया कि यह सच है कि उनके भाई सुशील रजवार की नियुक्ति उनके समय में हुई, पर वह प्रक्रिया पहले की है. अभी वह कार्यरत है. मैंने अपनी समझ से विधि सम्मत काम किया है. जांच रिपोर्ट में क्या है मुझे पता नहीं. शिक्षा विभाग को रिपोर्ट भेजा गया है यह भी मुझे पता नहीं है.




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