5 लाख की सुपारी से शुरू हुआ था मामला, अब नेपाल से लौटे फरार आरोपी दीपक तिवारी की गिरफ्तारी; तारबाहर हमले की साजिश में बड़ा खुलासा
बिलासपुर। तारबाहर थाना क्षेत्र में कांग्रेस नेता श्याम कश्यप पर हुए हमले की साजिश के मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी दीपक तिवारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी नेपाल चला गया था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसकी तलाश जारी रखी और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
दरअसल, पूरा मामला 4 जुलाई 2026 की सुबह का है। शिकायतकर्ता शिशिर कश्यप के मुताबिक, उनके पिता श्याम कश्यप सुबह करीब 6:45 बजे मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। रेलवे अस्पताल के पास पहुंचने पर तीन नकाबपोश युवक डंडे और नुकीली वस्तु लेकर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर उनके साथ मारपीट करने लगे। घटना के बाद शिशिर कश्यप ने तारबाहर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों की मदद से घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की पहचान की गई और संदिग्धों तक पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। जुलाई में पुलिस ने नितिन टेकाम और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पुलिस के सामने आरोप लगा कि गौरेला-पेंड्रा निवासी दीपक तिवारी ने एक व्यक्ति की हत्या कराने के लिए 5 लाख रुपये देने का लालच दिया था और उसके इशारे पर हमलावर बिलासपुर पहुंचे थे। इसके बाद फरार आरोपी साहिल सोनकर की भी तलाश की गई और उसे गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी जांच में हमले के पीछे की कथित साजिश से जुड़े कई तथ्य सामने आए। मामले में आगे की जांच के दौरान नवीन पटेल की गिरफ्तारी भी हुई। पुलिस के अनुसार, नवीन पर आरोप है कि उसने श्याम कश्यप पर हमला कराने के लिए दीपक तिवारी को पैसे उपलब्ध कराए थे। अगस्त में नवीन की गिरफ्तारी की खबर सामने आई थी और उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन जब्त किए जाने की जानकारी दी गई थी। अब इसी मामले में पुलिस ने फरार चल रहे दीपक तिवारी, पिता सुनील तिवारी, उम्र 29 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 1 पटेराटोला, थाना गौरेला, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल चला गया था। तारबाहर पुलिस और साइबर टीम लगातार तकनीकी जानकारी जुटाकर उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी कर रही थी। पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है इस तरह 4 जुलाई को रेलवे अस्पताल के पास मॉर्निंग वॉक के दौरान हुए हमले से शुरू हुआ यह मामला जांच के दौरान कथित सुपारी, हमलावरों और साजिश से जुड़े आरोपों तक पहुंचा। हालांकि, मामले में सामने आए सभी आरोप पुलिस की जांच और आरोपियों से पूछताछ पर आधारित हैं। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के बाद ही होगी।




Post a Comment
0 Comments