कोरी डैम-बेलगहना मार्ग पर आधी रात स्कॉर्पियो बिजली के खंभे से टकराई, CCTV में कैद हुई घटना; सायरन को लेकर उठे सवाल
बिलासपुर। कोटा क्षेत्र के कोरी डैम-बेलगहना मार्ग पर 27 सितंबर की रात एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई। हादसे में वाहन सवार युवकों के बाल-बाल बचने की जानकारी सामने आई है। टक्कर के बाद वाहन का सायरन बजता रहा। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद होने की बात कही जा रही है। इस घटना के बाद वाहन में सवार लोगों की पहचान और गाड़ी में सायरन लगाए जाने की अनुमति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
आधी रात को हुआ हादसा, CCTV में कैद हुई घटना
जानकारी के अनुसार, 27 सितंबर की देर रात कोरी डैम-बेलगहना मार्ग पर एक स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद स्कॉर्पियो का सायरन बजता रहा। राहत की बात यह रही कि वाहन में सवार युवकों को गंभीर चोट लगने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारण और वाहन की गति की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
रिसॉर्ट और फार्म हाउसों की गतिविधियों पर उठे सवाल
कोटा क्षेत्र में संचालित बताए जा रहे कुछ रिसॉर्ट और फार्म हाउसों की गतिविधियां भी अब चर्चा में हैं। स्थानीय स्तर पर इन स्थानों पर देर रात तक पार्टी और शराबखोरी होने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। हादसे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या स्कॉर्पियो में सवार युवक किसी रिसॉर्ट या फार्म हाउस से लौट रहे थे? फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
स्कॉर्पियो में कौन था? सायरन किसकी अनुमति से लगा था?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल स्कॉर्पियो में सवार लोगों की पहचान को लेकर है। वाहन में कौन-कौन मौजूद था और वे देर रात कहां से लौट रहे थे, इसका खुलासा होना बाकी है।
वाहन में सायरन लगा होने की बात भी जांच का विषय है। आखिर इस सायरन को लगाने की अनुमति किसने दी थी और क्या वाहन इसका अधिकृत इस्तेमाल कर रहा था? इन सवालों का जवाब संबंधित दस्तावेजों और जांच से ही मिल सकता है।
बिजली विभाग और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल
यदि क्षेत्र में घरेलू बिजली कनेक्शन का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, तो इसकी जांच की आवश्यकता है। हालांकि, संबंधित परिसरों में इस तरह की अनियमितता होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे में बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जांच किए जाने की मांग भी उठ सकती है।
पुलिस जांच से सामने आ सकती है पूरी सच्चाई
हादसे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज, वाहन के दस्तावेज और स्कॉर्पियो में सवार लोगों की पहचान महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना कैसे हुई और वाहन में सायरन लगाए जाने के पीछे क्या कारण था। फिलहाल वाहन सवारों की पहचान, उनके देर रात वहां मौजूद होने के कारण और रिसॉर्ट या फार्म हाउस से किसी संभावित संबंध को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब सवाल यह है कि कोरी डैम-बेलगहना मार्ग पर हुए इस हादसे की जांच में क्या सामने आएगा? क्या स्कॉर्पियो में सवार लोगों की पहचान और सायरन के इस्तेमाल से जुड़े सवालों का जवाब मिलेगा? इन सभी पहलुओं पर पुलिस और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।


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