छत्तीसगढ़ में 2028 की तैयारी तेज, 20% सीटों पर मैदान में उतरने का दावा; शिवसेना ने विकास के साथ राष्ट्रवाद और हिंदुत्व को बनाया मुद्दा
बिलासपुर में बोले राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अभिषेक वर्मा—18 जिलों में संपर्क अभियान, बिलासपुर-दुर्ग-बिरगांव पर विशेष फोकस; NDA के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में 2028 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां धीरे-धीरे तेज होती दिखाई दे रही हैं। इसी कड़ी में शिवसेना (शिंदे गुट) ने भी प्रदेश में संगठन विस्तार और चुनावी तैयारी को लेकर अपनी रणनीति सामने रखी है। पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक एवं चुनावी रणनीति से जुड़े डॉ. अभिषेक वर्मा ने बिलासपुर प्रवास के दौरान प्रेस वार्ता में कहा कि शिवसेना छत्तीसगढ़ में करीब 20 प्रतिशत विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। 23 सितंबर 2026 की एक प्रकाशित रिपोर्ट में भी पार्टी की ओर से 20 सीटों पर दावेदारी की तैयारी का उल्लेख है।
डॉ. वर्मा के मुताबिक, पार्टी प्रदेश के 18 जिलों में संपर्क अभियान चला रही है। बिलासपुर, दुर्ग और बिरगांव सहित प्रमुख क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को विस्तार देने पर जोर दिया जा रहा है।
विकास के साथ राष्ट्रवाद और हिंदुत्व पर फोकस
प्रेस वार्ता में डॉ. अभिषेक वर्मा ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी NDA गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की दिशा में तैयारी कर रही है। उनके अनुसार, चुनावी मुद्दों में विकास के साथ राष्ट्रवाद और हिंदुत्व को भी पार्टी के वैचारिक मुद्दों के रूप में रखा जाएगा।
पार्टी की ओर से “राष्ट्र प्रथम, जनता सर्वोपरि” को विजन बताया गया है।
युवा, शिक्षा और रोजगार पर भी जोर
डॉ. वर्मा ने युवाओं, शिक्षा और रोजगार को भी चुनावी चर्चा के महत्वपूर्ण विषयों में शामिल किया। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और रोजगार के अवसरों का विस्तार राज्य के विकास के लिए जरूरी है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, अधोसंरचना और पर्यटन को विकास के प्रमुख क्षेत्रों के तौर पर रेखांकित किया।
बिलासपुर की एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की बात
बिलासपुर से अपने और अपने परिवार के जुड़ाव का उल्लेख करते हुए डॉ. वर्मा ने शहर की हवाई कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उनका कहना है कि बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन, होटल कारोबार, स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिल सकता है।
श्रीकांत वर्मा ट्रस्ट को राजनीति से अलग रखने की बात
प्रेस वार्ता में श्रीकांत वर्मा ट्रस्ट को लेकर भी डॉ. अभिषेक वर्मा ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की सामाजिक गतिविधियों और शिवसेना की राजनीतिक गतिविधियों को अलग रखा जाता है तथा पार्टी का ट्रस्ट के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं है।
बिलासपुर में डॉ. वर्मा के प्रवास और श्रीकांत वर्मा से जुड़े कार्यक्रमों की भी हाल में खबरें सामने आई हैं।
भाषा विवाद पर भी रखी बात
महाराष्ट्र में भाषा को लेकर होने वाले विवादों पर डॉ. वर्मा ने कहा कि भाषा के नाम पर विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र में मराठी के साथ हिंदी को भी उचित स्थान दिए जाने की बात कही।
साहित्य और पत्रकारिता के लिए सम्मान राशि की घोषणा
प्रेस वार्ता के दौरान साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में सम्मान की योजना की जानकारी भी दी गई। पार्टी से जुड़ी जानकारी के अनुसार, साहित्य के क्षेत्र में 21 लाख रुपये और पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 लाख रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की गई है।
अब संगठन विस्तार पर नजर
शिवसेना के इस ऐलान के बाद छत्तीसगढ़ में 2028 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के संगठन विस्तार और संभावित सीटों को लेकर गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। फिलहाल पार्टी ने करीब 20 प्रतिशत सीटों पर चुनावी तैयारी की बात कही है। कितनी सीटों पर अंतिम रूप से प्रत्याशी उतारे जाएंगे और NDA में सीटों का बंटवारा किस तरह होगा, यह आगे की राजनीतिक प्रक्रिया में स्पष्ट होगा।






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