17 वर्षीय किशोरी की हत्या का खुलासा, प्रेम संबंध में विवाद बना वारदात की वजह दो आरोपी गिरफ्तार
72 घंटे के भीतर पुलिस ने सुलझाई अंधेकत्ल की गुत्थी, गला दबाकर हत्या करने का आरोप; वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त
मुंगेली:23/10/2027
जिले के ग्राम नेवासपुर में 17 वर्षीय नाबालिग बालिका की हत्या के मामले में मुंगेली पुलिस ने 72 घंटे के भीतर अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, प्रेम संबंध और बालिका के किसी अन्य युवक से बातचीत करने की शंका के चलते मुख्य आरोपी अजीत घृतलहरे ने कथित तौर पर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। घटना में सहयोग करने के आरोप में उसके साथी साहिल खाण्डे को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 की रात बालिका के परिजनों ने उसे बिस्तर पर बेहोशी की हालत में पाया। उसके गले पर चोट और खरोंच के निशान मिले। सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गला घोंटने और दम घुटने से होना बताया गया। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना तेज की।
प्रेम संबंध में विवाद के बाद हत्या का आरोप
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर सिटी कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मृतिका के ग्राम लिलवाकापा निवासी अजीत घृतलहरे के साथ पूर्व में प्रेम संबंध होने और दोनों के बीच विवाद की जानकारी सामने आई। संदेह के आधार पर पुलिस ने अजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की।पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि 19 अक्टूबर की रात अजीत अपने साथी साहिल के साथ मोटरसाइकिल से नेवासपुर पहुंचा। साहिल को घर के बाहर निगरानी के लिए छोड़कर अजीत कथित तौर पर दीवार फांदकर घर में दाखिल हुआ। वहां बालिका को फोन पर बातचीत करते देखकर दोनों के बीच विवाद हुआ। इसी दौरान आरोपी ने कथित रूप से उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद शव को दूसरे कमरे में बिस्तर पर लिटा दिया गया, ताकि मौत सामान्य प्रतीत हो।
दोनों आरोपी गिरफ्तार, मोटरसाइकिल जब्त
पुलिस ने मामले में अजीत घृतलहरे (22 वर्ष) और साहिल खाण्डे (20 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम लिलवाकापा, जिला मुंगेली को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। घटना में प्रयुक्त होंडा लियो मोटरसाइकिल क्रमांक CG 28 J 7143 भी जब्त की गई है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के साथ साक्ष्य छिपाने और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।
इस कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं एसडीओपी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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