बिलासपुर के प्रयास स्कूल का बैंक खाता बना म्यूल अकाउंट, 1.12 करोड़ रुपये का लेनदेन; खाते में बचे सिर्फ 29 रुपये
मोबाइल गुम होने के बाद साइबर ठगी का मामला आया सामने, 100 से अधिक बैंक खातों में ट्रांसफर हुई रकम; सरकंडा पुलिस ने केस दर्ज कर कोलकाता भेजी डायरी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रयास पब्लिक स्कूल के बैंक खाते का कथित तौर पर म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल कर 1.12 करोड़ रुपये के लेनदेन का मामला सामने आया है। स्कूल संचालक का मोबाइल फोन कोलकाता में गुम होने के बाद खाते से संदिग्ध लेनदेन किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत के मुताबिक, साइबर ठगों ने एक ही दिन में 100 से अधिक बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की। हैरानी की बात यह है कि लेनदेन से पहले खाते में महज 181 रुपये थे, जबकि पूरी गतिविधि के बाद सिर्फ 29 रुपये शेष रह गए।
कोलकाता में गुम हुआ था मोबाइल
राजकिशोर नगर निवासी डॉ. सचिन यादव प्रयास पब्लिक स्कूल के संचालक हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 10 अगस्त को वह कोलकाता गए थे। वहां न्यू मार्केट थाना क्षेत्र के धरमतला के पास उनका जियो सिम लगा मोबाइल फोन गुम हो गया। काफी तलाश करने के बाद भी मोबाइल नहीं मिला।
मोबाइल गुम होने के बाद उन्होंने बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू की और जियो सेवा केंद्र पहुंचकर सिम बंद कराने का प्रयास किया। हालांकि, पहचान संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण सिम तत्काल बंद नहीं हो सका।
14 अगस्त को खाते से हुआ 1.12 करोड़ का लेनदेन
शिकायत के अनुसार, 16 अगस्त को उन्होंने अपना पुराना मोबाइल नंबर दोबारा जारी कराया। अगले दिन ईमेल चेक करने पर बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली। प्रयास पब्लिक स्कूल का आईसीआईसीआई बैंक खाता इसी मोबाइल नंबर से जुड़ा हुआ था। बताया गया है कि साइबर ठगों ने 14 अगस्त को पहले 800 रुपये का ट्रायल ट्रांजेक्शन किया। इसके बाद खाते से करीब 1.12 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया और रकम 100 से अधिक बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई। आशंका है कि स्कूल के खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजने के लिए किया गया।
खाते में पहले 181 रुपये, बाद में बचे 29 रुपये
स्कूल संचालक के अनुसार, संदिग्ध लेनदेन से पहले बैंक खाते में केवल 181 रुपये थे। लेनदेन की पूरी प्रक्रिया के बाद खाते में महज 29 रुपये शेष रह गए। इस मामले में खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर म्यूल अकाउंट के रूप में किए जाने की आशंका जताई गई है। म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते को कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराध से जुड़ी रकम को प्राप्त करने और आगे ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है।
सरकंडा पुलिस ने दर्ज किया केस
मामले की शिकायत मिलने के बाद सरकंडा पुलिस ने केस दर्ज किया है। चूंकि मोबाइल फोन कोलकाता में गुम हुआ था और घटना से जुड़े तथ्य वहां के क्षेत्र से संबंधित हैं, इसलिए मामले की डायरी कोलकाता भेज दी गई है। पुलिस मामले में आगे की जांच और संबंधित लेनदेन की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया में है।
मोबाइल गुम हो तो तुरंत कराएं ये काम
मोबाइल गुम हो तो
तुरंत कराएं ये काम!
आपका फोन और निजी जानकारी सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम
1. फोन को खोजें और लॉक करें
Android फोन के लिए Google Find Hub और iPhone के लिए Apple Find My खोलें। उपलब्ध होने पर फोन की लोकेशन देखें, उसे लॉक करें और स्क्रीन पर संपर्क संदेश दिखाएं।
Android फोन खोजें ↗ Apple iPhone खोजें ↗2. पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं
मोबाइल गुम या चोरी होने की सूचना नजदीकी पुलिस थाने में दें। शिकायत की प्रति या नंबर सुरक्षित रखें। चोरी की स्थिति में FIR की जरूरत हो सकती है।
3. SIM कार्ड बंद कराएं
अपने टेलीकॉम ऑपरेटर से संपर्क करके खोए नंबर की SIM ब्लॉक कराएं। जरूरत के अनुसार उसी नंबर की डुप्लीकेट SIM लें। CEIR पर OTP सत्यापन के लिए दोबारा जारी SIM जरूरी होती है।
4. बैंक और UPI को सुरक्षित करें
बैंक के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। मोबाइल बैंकिंग, UPI और वॉलेट की सुरक्षा के लिए जरूरी ब्लॉकिंग कराएं। किसी अनजान व्यक्ति को OTP या PIN न बताएं।
राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल ↗वित्तीय साइबर धोखाधड़ी होने पर भारत में हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत संपर्क करें।
5. ईमेल और सोशल मीडिया सुरक्षित करें
Google, Apple, ईमेल, WhatsApp और सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड बदलें। अनजान डिवाइस से साइन आउट करें और जहां संभव हो, दो-स्तरीय सुरक्षा चालू करें।
6. CEIR से IMEI ब्लॉक करें
भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर खोए या चोरी हुए फोन को ब्लॉक करने का अनुरोध दर्ज करें। सामान्यतः पुलिस शिकायत, दोबारा जारी SIM, पहचान प्रमाण और उपलब्ध होने पर IMEI व खरीद बिल तैयार रखें। अनुरोध ID संभालकर रखें।
सरकारी CEIR पोर्टल खोलें ↗7. IMEI नंबर और बिल तैयार रखें
IMEI मोबाइल के बॉक्स, खरीद बिल या उपलब्ध रिकॉर्ड में मिल सकता है। डुअल SIM फोन में दो IMEI हो सकते हैं। पुलिस शिकायत और CEIR अनुरोध की जानकारी संभालकर रखें।
8. फोन मिलने पर क्या करें?
अगर फोन वापस मिल जाता है, तो पुलिस को सूचना दें। CEIR पर IMEI अनब्लॉक करने की प्रक्रिया अपनाएं। यदि ब्लॉकिंग पुलिस के माध्यम से हुई थी, तो पुलिस से प्रक्रिया की पुष्टि करें।
CEIR पर अनब्लॉक सेवा देखें ↗- किसी को OTP, UPI PIN या बैंक पासवर्ड न दें।
- फोन मिलने के नाम पर आए संदिग्ध लिंक न खोलें।
- फोन की लोकेशन मिलने पर अकेले जाकर सामना न करें।
- फोन मिटाने (Erase) से पहले उसके परिणाम समझें; इससे आगे की लोकेशन ट्रैकिंग प्रभावित हो सकती है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिटी पंकज पटेल ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने पर तुरंत मोबाइल ऑपरेटर से संपर्क कर सिम ब्लॉक कराएं। साथ ही बैंक को सूचना देकर यूपीआई और नेट बैंकिंग जैसी सुविधाओं को अस्थायी रूप से बंद कराएं तथा नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
यह मामला मोबाइल फोन और उससे जुड़े सिम की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क करता है। फोन गुम होने पर समय रहते जरूरी कदम उठाने से बैंक खातों के दुरुपयोग का जोखिम कम किया जा सकता है।






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