ADD US AS A PREFERRED SOURCE
Follow Us On Google News Join my WhatsApp group

बिलासपुर में रेल जनसंवाद पर उठे सवाल: यात्री ट्रेनों की देरी से परेशान, GM ने किया समय पर चलाने का दावा

बिलासपुर में रेल जनसंवाद पर उठे सवाल: यात्री ट्रेनों की देरी से परेशान, GM ने किया समय पर चलाने का दावा


216 रेलवे स्टेशनों पर जनसंवाद का आयोजन, लेकिन बिलासपुर में यात्रियों को अपनी समस्याएं रखने का नहीं मिला पर्याप्त मौका; प्लेटफॉर्म पर करीब 40 मिनट घूमे महाप्रबंधक तरुण प्रकाश

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जोनल मुख्यालय बिलासपुर में यात्रियों की समस्याएं सुनने और रेल सुविधाओं में सुधार के उद्देश्य से आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम सवालों के घेरे में आ गया। रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश यात्रियों से संवाद करने बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे, लेकिन कार्यक्रम में मौजूद यात्रियों को अपनी समस्याएं खुलकर रखने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल सका। यात्री मंच के सामने बैठे रहे, जबकि महाप्रबंधक कुछ ही मिनट बाद वहां से उठकर प्लेटफॉर्म की ओर चले गए।

करीब 40 मिनट तक उन्होंने प्लेटफॉर्म नंबर 5-6 पर घूमकर कुछ यात्रियों से बातचीत की। हालांकि, यात्रियों की सबसे बड़ी परेशानी ट्रेनों की लेटलतीफी, प्रतीक्षालय और बैठने की सुविधाओं जैसे मुद्दों पर कोई विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी। दूसरी ओर, महाप्रबंधक ने ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए प्रयास जारी रहने की बात कही।

कार्यक्रम शुरू होने के तीन मिनट बाद ही मंच से उठे GM

रेलवे स्टेशन पर सुबह करीब 10 बजे जनसंवाद कार्यक्रम शुरू हुआ। जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम शुरू होने के महज तीन मिनट बाद ही महाप्रबंधक तरुण प्रकाश मंच से उठकर यात्रियों के बीच पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने प्लेटफॉर्म पर मौजूद कुछ यात्रियों से बातचीत की।

हालांकि, वहां मौजूद कई यात्रियों को यह तक पता नहीं था कि उनसे बातचीत करने वाले अधिकारी रेलवे के महाप्रबंधक हैं। एनसीसी के बच्चों से भी संवाद किया गया, लेकिन उनमें से अधिकतर पहली बार ट्रेन से यात्रा करने जा रहे थे। ऐसे में नियमित रेल यात्रियों की वास्तविक समस्याओं पर चर्चा सीमित रह गई।

कार्यक्रम के दौरान तेज आवाज में साउंड सिस्टम चलने के कारण भी लोगों को बातचीत समझने में परेशानी हुई। प्रचार-प्रसार कम होने से कई यात्रियों को जनसंवाद की जानकारी तक नहीं थी। रेल यात्री संघ के सदस्य भी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।

ट्रेनों की देरी बनी यात्रियों की सबसे बड़ी परेशानी

जनसंवाद में यात्रियों की प्रमुख शिकायत ट्रेनों के घंटों लेट चलने को लेकर रही। यात्रियों का कहना था कि छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनें लंबे समय से देरी से चल रही हैं। इससे यात्रियों को अपनी मंजिल तक समय पर पहुंचने में परेशानी होती है और आगे की यात्रा की योजना भी प्रभावित होती है।

हरिद्वार जा रहे यात्री सुरेश मिश्रा ने बताया कि वे दोपहर से ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। शाम से रात हो गई, लेकिन ट्रेन की स्थिति को लेकर उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही थी।

कुछ छात्रों ने भी ट्रेन लेट होने पर महाप्रबंधक से जवाब मांगा। इस पर उन्हें सूचना स्क्रीन देखने की सलाह दी गई। स्क्रीन से ट्रेन की स्थिति पता चल सकती है, लेकिन ट्रेन आखिर देरी से क्यों चल रही है और कितनी देर में पहुंचेगी, इस सवाल का मौके पर स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।

टिकट काउंटर पर कतार, यात्रियों से ऑनलाइन टिकट लेने पर सवाल

स्टेशन के टिकट काउंटर पर भी यात्रियों की कतार लगी हुई थी। महाप्रबंधक ने कतार में खड़े यात्रियों से पूछा कि वे ऑनलाइन टिकट लेने के बजाय काउंटर पर क्यों खड़े हैं।

इस दौरान रेलवे कर्मचारी यात्रियों को टिकट वेंडिंग मशीन से टिकट निकालने में मदद कर रहे थे। हालांकि, साउंड सिस्टम की तेज आवाज के कारण यात्रियों को अधिकारियों की बात समझने में परेशानी हुई।

यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देना जरूरी है, लेकिन जिन यात्रियों को ऑनलाइन टिकट या वेंडिंग मशीन के इस्तेमाल में परेशानी होती है, उनके लिए काउंटर की व्यवस्था भी सुचारु रहना आवश्यक है।

जमीन पर बैठे यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर जाने की सलाह

स्टेशन के गेट नंबर-1 के सामने कुछ यात्री अपने परिवार के साथ जमीन पर बैठकर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। महाप्रबंधक ने उन्हें प्लेटफॉर्म पर जाकर बैठने की सलाह दी।

हालांकि, यात्रियों की परेशानी केवल बैठने की जगह तक सीमित नहीं थी। लंबे समय तक ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, प्रतीक्षालय की उपलब्धता और ट्रेनों के आगमन की सही जानकारी भी महत्वपूर्ण है। इन मुद्दों पर जनसंवाद के दौरान विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी।

बिलासपुर, रायपुर और नागपुर मंडल के 216 स्टेशनों पर हुआ आयोजन

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर, रायपुर और नागपुर मंडल के कुल 216 रेलवे स्टेशनों पर गुरुवार को रेल जनसंवाद आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य यात्रियों की समस्याएं सुनना, साफ-सफाई की स्थिति की समीक्षा करना और रेल सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सुझाव प्राप्त करना था।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर महाप्रबंधक तरुण प्रकाश मौजूद रहे। चांपा स्टेशन पर अपर महाप्रबंधक विजय कुमार साहू और उसलापुर स्टेशन पर मंडल रेल प्रबंधक राकेश रंजन ने यात्रियों से संवाद किया।

रेलवे अधिकारियों की ओर से यात्रियों को अपनी शिकायतें और सुझाव रखने का अवसर देने की बात कही गई थी। लेकिन बिलासपुर में कार्यक्रम के दौरान यात्रियों को अपनी समस्याएं विस्तार से रखने का पर्याप्त मौका नहीं मिलने की बात सामने आई।

GM का दावा—ट्रेनों को समय पर चलाने के लिए करेंगे प्रयास

महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने कहा कि ट्रेनों को समय पर चलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यात्रियों की ओर से मिलने वाले सुझावों और शिकायतों के आधार पर रेल सेवाओं तथा स्टेशन की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा।

हालांकि, यात्रियों के लिए सबसे अहम सवाल यही बना हुआ है कि ट्रेनों की देरी कब दूर होगी और उन्हें समय पर यात्रा पूरी करने के लिए कब तक इंतजार करना पड़ेगा।

जनसंवाद के बीच कई ट्रेनों की लेटलतीफी ने बढ़ाई परेशानी

त्योहारी सीजन में ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने के बीच कई ट्रेनों के देरी से चलने की जानकारी भी सामने आई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिलासपुर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस लगभग 50 मिनट से दो घंटे तक देरी से चल रही थी। उत्कल एक्सप्रेस को कुछ स्टेशनों पर संशोधित समय के अनुसार चलाना पड़ा।

इसके अलावा हावड़ा-पुणे एसी दुरंतो, गीतांजलि एक्सप्रेस और शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस के परिचालन समय पर भी असर पड़ने की जानकारी दी गई।

ऐसे में जनसंवाद के दौरान यात्रियों की अपेक्षा थी कि रेलवे अधिकारी ट्रेनों की देरी के कारणों, समय-सारणी में सुधार और यात्रियों को सही जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर स्पष्ट जवाब दें।

यात्रियों को अब सुधार का इंतजार

रेल जनसंवाद का उद्देश्य यात्रियों और रेलवे प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। लेकिन यदि यात्रियों को अपनी परेशानी विस्तार से बताने और उसका जवाब पाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता, तो ऐसे कार्यक्रमों की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

अब देखना होगा कि इस जनसंवाद में सामने आई समस्याओं के आधार पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे प्रशासन ट्रेनों की लेटलतीफी, प्रतीक्षालय, बैठने की व्यवस्था और यात्रियों को सही जानकारी देने जैसे मुद्दों पर क्या ठोस कदम उठाता है।

POWER NEWS 24 BHARAT
हर खबर पर नजर


Post a Comment

0 Comments

Top Post Ad