बिलासपुर: तिलक नगर में विधायक अमर अग्रवाल को रहवासियों ने घेरा, बोले- “निवेदन को भीख समझा जा रहा”; तंबू लगाकर धरने की चेतावनी
6 साल से पुनर्वास का इंतजार कर रहे करीब 300 विस्थापित परिवारों का फूटा गुस्सा, बोले- तारीख पर तारीख मिल रही, अब तिलक नगर में ही बसाइए
बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के तिलक नगर में विस्थापित परिवारों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया। श्रीराम मंदिर में रघुनंदन सभागृह के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे नगर विधायक अमर अग्रवाल को प्रभावित रहवासियों ने घेर लिया और पुनर्वास की मांग उठाई। ज्यादातर महिलाएं अपने परिवारों के साथ वहां पहुंची थीं। उन्होंने मांग की कि नदी किनारे से हटाए गए परिवारों को उसी क्षेत्र में बसाया जाए, जहां से उन्हें बेदखल किया गया था। लंबे समय से आश्वासन मिलने के बावजूद मांग पूरी नहीं होने पर रहवासियों ने नाराजगी जताई और जरूरत पड़ने पर तंबू लगाकर धरना देने की चेतावनी दी।
करीब 300 परिवारों को पुनर्वास का इंतजार
तिलक नगर स्थित श्रीराम मंदिर के पीछे नदी किनारे रहने वाले करीब 300 परिवारों को लगभग छह साल पहले कोरोना काल के दौरान भारी बारिश के बीच हटाया गया था। प्रभावित परिवारों के मुताबिक, उस समय उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाकर देने का भरोसा दिया गया था। बाद में उन्हें इमलीभाठा भेजा गया, लेकिन अब तक पुनर्वास को लेकर उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
रहवासियों का आरोप है कि वर्षों से वे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें इंतजार करने और आश्वासन के सहारे रहने को कहा जाता है। उनका कहना है कि बेदखली के समय किए गए वादे को अब तक पूरा नहीं किया गया है।
निवेदन को भीख समझा जा रहा, अब ठोस जवाब चाहिए
प्रभावित परिवारों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे लंबे समय से अपने अधिकार और आवास की मांग कर रहे हैं। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। रहवासियों के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पहले भी विधायक से मुलाकात कर समस्या बताई गई थी। उस समय अधिकारियों से चर्चा कर जवाब देने का आश्वासन मिला था, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं मिली। इसी के चलते परिवार दोबारा अपनी मांग लेकर पहुंचे। उनका कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पुनर्वास की समयसीमा और ठोस कार्ययोजना चाहिए।
टेंडर और फंड का हवाला, जमीन और नक्शे पर उठाए सवाल
विस्थापित परिवारों का कहना है कि विधायक से मुलाकात के दौरान टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और फंड उपलब्ध होने के बाद आगे की कार्रवाई का भरोसा दिया जाता रहा है। हालांकि, रहवासियों ने सवाल उठाया कि जब तक जमीन का चयन, नक्शा और ड्राइंग-डिजाइन तैयार नहीं होंगे, तब तक मकानों का निर्माण कैसे शुरू होगा?
उनका आरोप है कि इतने वर्षों बाद भी पुनर्वास की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। परिवारों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की कि जमीन, निर्माण और आवंटन को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि उन्हें बार-बार कार्यालयों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जर्जर आवास और नशे के बढ़ते प्रचलन से भी परेशान
स्थानीय निवासी अंकुश ठाकुर ने बताया कि प्रभावित परिवार अब तक मिले आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं। उनके अनुसार, अधिकारियों से चर्चा के बाद दो दिनों के भीतर जवाब देने की बात कही गई थी, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय गुजरने के बाद भी कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिला। अंकुश ठाकुर ने पुनर्वास के लिए उपलब्ध कराए गए आवासों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई मकान जर्जर हालत में हैं और बारिश के दौरान पानी भरने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा क्षेत्र में नशे के बढ़ते प्रचलन को लेकर भी परिवार चिंतित हैं। उनका कहना है कि इन परिस्थितियों का बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
देखे पूरा वीडियो......
मांग पूरी नहीं हुई तो तंबू लगाकर करेंगे आंदोलन
स्थानीय निवासी अनिता यादव ने कहा कि मौजूदा आवासों में रहने के दौरान परिवारों को कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुनर्वास की मांग पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रभावित परिवार संबंधित स्थल पर तंबू लगाकर धरना शुरू करेंगे। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। विस्थापित परिवारों ने दोहराया कि वे अब सिर्फ आश्वासन नहीं चाहते। उनकी मांग है कि उन्हें तिलक नगर में ही बसाने के संबंध में ठोस निर्णय लिया जाए और पुनर्वास की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी, इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए। अब देखना होगा कि प्रभावित परिवारों की मांग पर प्रशासन और जनप्रतिनिधि क्या कदम उठाते हैं।




Post a Comment
0 Comments