पब्लिसिटी लाखों की, सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी? उसलापुर से सकरी तक सड़क पर झुके जन्मदिन के होर्डिंग, हादसों को न्योता!
बिलासपुर। शहर में नेताओं के जन्मदिन पर बड़े-बड़े बैनर और होर्डिंग लगाकर शुभकामनाएं देने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। सोशल मीडिया से लेकर समाचार पत्रों तक अपनी मौजूदगी और लोकप्रियता दिखाने की होड़ लगी रहती है। लेकिन जब यही होर्डिंग सड़क के डिवाइडर पर झुके हुए या गिरने की स्थिति में दिखाई दें, तब सवाल उठता है कि आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
देखे पूरा वीडियो...
उसलापुर से सकरी और तखतपुर मार्ग पर कई स्थानों पर जन्मदिन के होर्डिंग असुरक्षित स्थिति में नजर आ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, इस मार्ग पर 10 से अधिक जगहों पर होर्डिंग झुके या गिरे हुए दिखाई दिए हैं। इनमें माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर के सांसद श्री तोखन साहू जी के जन्मदिन की बधाई वाले होर्डिंग भी शामिल हैं। सामने आई तस्वीरों में एक होर्डिंग सड़क के डिवाइडर पर तिरछा लटका दिखाई दे रहा है।
इसी मार्ग से गुजरते हैं विधायक, सांसद, मंत्री और हजारों कार्यकर्ता
तखतपुर मार्ग शहर के आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। इस मार्ग से आम नागरिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि भी आवाजाही करते हैं। विधायक, सांसद और मंत्री तक इसी रास्ते से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे और डिवाइडर पर लगे होर्डिंग की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। जब जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक आयोजनों से जुड़े बैनर-होर्डिंग इसी मार्ग पर लगाए जाते हैं, तो क्या उनकी मजबूती और सुरक्षित स्थापना की जिम्मेदारी तय नहीं होनी चाहिए? क्या संबंधित आयोजकों और जिम्मेदार विभागों को यह सुनिश्चित नहीं करना चाहिए कि कोई होर्डिंग सड़क पर गिरकर किसी वाहन चालक या राहगीर के लिए खतरा न बने?
रात में सफाई करने वाली नगर निगम की गाड़ियों को ये होर्डिंग क्यों नहीं दिखते?
शहर में रात के समय नगर निगम की गाड़ियां सड़कों की साफ-सफाई करती नजर आती हैं। ऐसे में एक सवाल यह भी है कि यदि सड़क और आसपास के क्षेत्र की नियमित सफाई एवं देखरेख होती है, तो सड़क के डिवाइडर पर झुके और गिरे होर्डिंग पर जिम्मेदारों का ध्यान क्यों नहीं जा रहा? हालांकि, सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी और होर्डिंग हटाने का अधिकार अलग-अलग हो सकता है, लेकिन संबंधित विभागों के बीच समन्वय की जरूरत से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि किसी स्थान पर होर्डिंग दुर्घटना का खतरा पैदा कर रहा है, तो उसकी सूचना संबंधित विभाग तक पहुंचाकर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?
पब्लिसिटी के लिए बड़े-बड़े पोस्टर, लेकिन सुरक्षा के नाम पर चुप्पी क्यों?
जन्मदिन, राजनीतिक कार्यक्रम और शुभकामनाओं के लिए जगह-जगह बड़े-बड़े बैनर और होर्डिंग लगाए जाते हैं। तस्वीरें बड़ी होती हैं, नाम बड़े अक्षरों में लिखे जाते हैं और शुभकामनाओं के संदेश दूर से दिखाई देते हैं। इन होर्डिंग के जरिए राजनीतिक और सामाजिक पहचान को भी प्रदर्शित किया जाता है। लेकिन सवाल यह है कि होर्डिंग लगाने के बाद उसकी मजबूती की जांच कौन करता है? क्या उसे लगाने वाले आयोजक उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेते हैं? क्या अनुमति देने वाले संबंधित विभाग यह जांच करते हैं कि होर्डिंग निर्धारित स्थान पर सुरक्षित तरीके से लगाया गया है या नहीं? जब प्रचार के लिए इतनी मेहनत और खर्च किया जाता है, तो आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लापरवाही क्यों?
होर्डिंग गिरा तो जिम्मेदार कौन होगा?
सड़क के डिवाइडर पर झुका हुआ बड़ा होर्डिंग केवल अव्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि संभावित दुर्घटना का खतरा भी है। तेज हवा, बारिश या किसी अन्य कारण से यदि ऐसा होर्डिंग सड़क पर गिरता है, तो दोपहिया वाहन चालकों, कार सवारों और राहगीरों को नुकसान पहुंच सकता है।
ऐसी स्थिति में सवाल उठना लाजिमी है कि जवाबदेही किसकी होगी—होर्डिंग लगाने वाले आयोजक की, अनुमति देने वाले विभाग की या संबंधित नगर निकाय की? इसका निर्धारण लागू नियमों, अनुमति की शर्तों और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारियों के आधार पर होना चाहिए। लेकिन खतरे को देखते हुए कार्रवाई के लिए किसी दुर्घटना का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए।
प्रशासन से तत्काल निरीक्षण और कार्रवाई की मांग
उसलापुर से सकरी तक सड़क मार्ग पर झुके और असुरक्षित स्थिति में दिखाई दे रहे होर्डिंग का संबंधित विभागों द्वारा निरीक्षण किया जाना चाहिए। जहां भी दुर्घटना की आशंका हो, वहां तत्काल होर्डिंग को सुरक्षित करने या नियमानुसार हटाने की कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने वाले बैनर और होर्डिंग की अनुमति, स्थापना और सुरक्षा की नियमित जांच भी जरूरी है।
आखिर सवाल यही है—पब्लिसिटी के लिए होर्डिंग लगाने में कोई कमी नहीं, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने में पीछे क्यों?
जन्मदिन की शुभकामनाएं देना किसी की खुशी हो सकती है, लेकिन उस खुशी के नाम पर आम जनता की सुरक्षा दांव पर नहीं लगनी चाहिए। प्रशासन और संबंधित विभागों को इस मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसी अप्रिय घटना से पहले खतरे को दूर किया जा सके।
POWER NEWS 24 BHARAT | बिलासपुर




Post a Comment
0 Comments