धनतेरस पर भी अंधेरे में डूबा कोटा के खरगहनी का एक मोहल्ला, सप्ताहभर से बिजली गुल
शिकायतों के बाद भी नहीं जागा बिजली विभाग, टूटे तार की मरम्मत के बजाय खंभे टूटने का दिया जा रहा हवाला, ग्रामीणों में नाराजगी
खरगहनी/कोटा। त्योहारों के इस खास अवसर पर जहां लोग अपने घरों को रोशनी से सजाकर धनतेरस और दीपावली मनाने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं कोटा क्षेत्र के ग्राम पंचायत खरगहनी का एक मोहल्ला पिछले करीब एक सप्ताह से अंधेरे में डूबा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी अब तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं कर पाए हैं। धनतेरस के दिन भी मोहल्ले में बिजली नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों के अनुसार, मोहल्ले में बिजली आपूर्ति करने वाले एक खंभे से जुड़ा तार टूट गया है, जिसके कारण पूरे मोहल्ले की बिजली बंद है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कहीं भी बिजली का खंभा नहीं टूटा है, केवल एक खंभे का तार क्षतिग्रस्त हुआ है। इसके बावजूद बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा दो-तीन खंभे टूटने की बात कहकर समस्या को टालने का प्रयास किया जा रहा है।
एक सप्ताह से बिजली बंद, जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं अधिकारी
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग में शिकायत करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जब विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों से संपर्क किया जाता है, तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। कभी खंभे टूटने की बात कही जाती है, तो कभी मरम्मत में देरी के लिए अन्य कारण बताए जाते हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि केवल तार टूटा है, तो उसकी मरम्मत कर विद्युत आपूर्ति बहाल करने में आखिर एक सप्ताह क्यों लग रहा है?
बिजली बिल की वसूली नियमित, सुविधाओं पर सवाल
ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिजली बिलों की वसूली तो नियमित रूप से की जाती है, लेकिन जब विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, तब शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं किया जाता। ग्रामीणों ने मीटर रीडिंग की व्यवस्था और संबंधित कर्मचारी की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, खरगहनी गांव में बिजली मीटर रीडिंग का काम पितांबर साहू, पिता रामेश्वर साहू को सौंपे जाने की जानकारी है। ग्रामीण यह भी जानना चाहते हैं कि मीटर रीडिंग और शिकायतों की जानकारी विभाग तक किस प्रकार पहुंचाई जाती है तथा विद्युत व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है।
त्योहार पर अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीण
धनतेरस और दीपावली जैसे त्योहारों पर बिजली बंद रहने से मोहल्ले के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घरों में रोशनी, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि त्योहार के समय भी विभाग की ओर से समस्या का समाधान नहीं किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि खरगहनी के प्रभावित मोहल्ले में तत्काल मरम्मत कार्य कराकर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। साथ ही शिकायतों के बावजूद कार्रवाई में देरी और जिम्मेदारी से बचने वाले कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस समस्या पर बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कब तक संज्ञान लेते हैं और खरगहनी के इस मोहल्ले में दोबारा रोशनी कब लौटती है।






Post a Comment
0 Comments