जब से बाघमारा विधायक ढुलु महतो को भाजपा ने धनबाद संसदीय क्षेत्र से लोकसभा का उम्मीदवार घोषित किया है, तब से भाजपा समर्थक दो खेमें में बंटे बंटे नजर आ रहे है. एक खेमा जहाँ विधायक ढुलु को जीत की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं दे रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा को हमेशा समर्थन करने वाले कुछ समर्थक व कार्यकर्ता ढुलु को टिकट दिए जाने से क्षुब्ध और नाराज है. टिकट मिलने पर कुछ नाराज भाजपा समर्थक चुप है तो कुछ खुलकर विरोध में आ गए हैं. सोशल मीडिया में ढुलु समर्थक और ढुलु विरोधी बयानबाजी भी देखने को मिल रही है.
ढुलु महतो को टिकट मिलने से मारवाड़ी समाज भी खासे नाराज दिख रहे हैं. सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक पत्र के अनुसार धनबाद जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष कृष्णा अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के नाम पत्र लिखकर ढुलु को दिए गए टिकट पर पुनर्विचार करने को कहा है. ढुलु की राजनीति और उसके इतिहास पर सवाल खड़ा करते हुए कृष्णा अग्रवाल ने लिखा है कि ढुलु महतो पूरे हिंदुस्तान का एकमात्र ऐसे विधायक हैं जो एक हाथ मे एटक का लाल झंडा और दूसरे हाथ मे भगवा लेकर खुलेआम राजनीति करते हैं. जेबीसीसीआइ की बैठक कोल इंडिया में वामपंथी विचार को प्रखरता से रखते हैं. भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि भाजपा विधायक के इस रूप को टुकुर टुकुर देखने को बाध्य रहते हैं. आपराधिक इतिहास को याद दिलाते हुए इन्होंने लिखा है कि भाजपा विधायक के विरुद्ध 49 मुकदमे न्यायालय में लंबित है. 4 मुकदमे में निचली अदालत में सजा भी मिल चुका है. माफिया के खिलाफ बोलते बोलते स्वयं माफिया का नया संस्करण बन चुके हैं. उन्होंने अच्छी पार्टी और बुरा प्रत्याशी के संदर्भ में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के द्वारा कहे गए कथन को दोहराते हुए भी कई बातों का उल्लेख किया है. अंत मे उन्होंने पार्टी को अपना निर्णय पर पुनर्विचार करने का नसीहत देते हुए लिखा है कि कहीं ऐसा न हो कि पार्टी को अपने निर्णयों पर पश्चाताप करना पड़े.
इधर इंडी गठबंधन ने धनबाद लोकसभा क्षेत्र के लिए अपने प्रत्याशी का ऐलान न करके धनबाद की चुनावी सरगर्मी को और बढ़ा दिया है. यह कयास लगाया जा रहा है कि कांग्रेस किसी ऐसे चेहरे की तलाश में है जो भाजपा की गढ़ माने जाने वाली धनबाद सीट पर सेंधमारी कर सके.

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