पिछले 10 सालों से पानी का किल्लत झेल रहे बीसीसीएल एरिया चार अंतर्गत कतरास स्थित दुर्गा नगर कॉलोनी वासियों ने अधिकारियों पर पानी माफियाओं के साथ साथ गांठ का आरोप लगाया है. बता दे कि पिछले दो महीना से दुर्गा नगर कॉलोनी में बीसीसीएल द्वारा पानी का सप्लाई नहीं हो रहा है. कॉलोनी के समीप स्थित कार्यालय के कर्मियों का कहना है कि पंप खराब होने की वजह से पानी सप्लाई नहीं हो पा रहा है. जबकि कॉलोनी वासियों ने बार-बार पंप खराब होने और पानी सप्लाई बाधित होने के पीछे एक बड़ी साजिश बताया है. कॉलोनी वासियों ने बताया कि पानी सप्लाई बाधित रहने पर टैंकर से पानी खरीदना पड़ता है. जिसके लिए 2 हजार लीटर का एक टंकी भरने के एवज में 400 रुपया देना पड़ता है जो कि मात्र 2 से 3 दिन ही चलता है. इस प्रकार एक परिवार एक महीने में तकरीबन 4 से 5 हजार रुपये की पानी खरीदने को मजबूर होते हैं। पूरे कॉलोनी में लगभग 300 परिवार पानी खरीदते हैं. अगर महीना की बात करें तो कॉलोनी वासी औसतन हर महीने 14-15 लाख रुपए की पानी पानी माफियाओं से खरीद लेते हैं. पूरे साल में पानी माफियाओं की कमाई करोड़ों में होती है. कुल मिलाकर कॉलोनी में पानी सप्लाई करने से पानी माफियाओं की गाढ़ी कमाई होती है. कॉलोनी वासियों का कहना है की इसके एवज में पानी माफिया संबंधित अधिकारियों की जेबें हर महीना गर्म करते रहते हैं.
सूत्रों की माने तो अधिकारियों एवं पानी माफियाओं के बीच एक स्थानीय दबंग यूनियन नेता बिजोलिया तंत्र के रूप में काम करता है जिससे स्थानीय नेताजी का भी घी लगाकर रोजी रोटी चल जाता है. आकाश , सुरेन्द्र, सन्नी आदि 4-5 लोग उक्त कॉलोनी में पैसा लेकर टैंकर के माध्यम से तथा 2 हजार लीटर के सेंटेक्स टंकी के माध्यम से पानी की आपूर्ति करते हैं तथा अधिकारियों की मेहरबानी से प्रतिमाह लाखों की गाढ़ी कमाई करते हैं. संभवत: अधिकारियों एवं पानी माफियाओं की इसी गठजोड़ का परिणाम है कि विगत 10-12 वर्षों से दुर्गा नगर कॉलोनी में पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है तथा बीसीसीएल प्रबंधन अपने कर्मियों की समस्याओं से अवगत होते हुए भी अपनी आंखें बंद किए हुए हैं.

Post a Comment
0 Comments