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भारतीय क्लब में जयंती पर याद किये गए मुंशी प्रेमचंद


महान उपन्यासकार और साहित्यकार थे मुंशी प्रेमचंद- राजेंद्र प्रसाद राजा


कतरास: 31-07-2024
बुधवार को भारतीय क्लब कतरास में जयंती पर मुंशी प्रेमचंद जी याद किये गए. कार्यक्रम की अध्यक्षता झामुमो नेता राजेंद्र प्रसाद राजा ने की. उपस्थित सदस्यों ने प्रेमचंद की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें याद किया. भारतीय क्लब के सदस्य राजेन्द्र प्रसाद राजा, प्रभात मिश्रा, संतोष कुमार दे, अमित  भगत आदि सदस्यों ने मुंशी प्रेमचंद की जीवनी पर प्रकाश डाला. वक्ताओं ने बताया कि मुंशी प्रेमचंद जाने माने साहित्यकार और उपन्यासकार थे लिखी हुई पुस्तक और उपन्यास मानव जीवन और मानव चेतना से जुड़े थे. इन्होंने मानसरोवर, शतरंज के खिलाडी, बड़े घर की बेटी, कर्म भूमि, निर्मला, नमक का दारोगा, पूस की रात, ईदगाह, रंगभूमि, सेवा सदन, कफ़न ( प्रेमचंद की अंतिम कहानी),दो बैलों की कथा, पंच परमेश्वर, मानसरोवर आदि जैसे कई महत्वपूर्ण उपन्यास व पुस्तकों की रचना की. इनके द्वारा लिखी गई अंतिम उपन्यास "गोदान" था. प्रेमचंद का वास्तविक नाम "धनपत राय " था. इन्हें उपन्यास सम्राट, कथा सम्राट, कलम के सिपाही की उपाधि दी गयी. इन्होंने हंस नामक पत्रिका का संपादन किया था। गांधीजी के आह्वाहन पर ये नौकरी छोड़कर स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े. इनके उपन्यास "सोजे वतन ( देश का दर्द )" को अंग्रेजों ने प्रतिबंधित कर दिया तथा इन्हें लिखने पर रोक लगा दी. जिसके कारण इन्होंने धनपत राय का नाम बदलकर प्रेमचंद के नाम से लिखना शुरू कर दिया. बिष्णु राम ने अपने गीत से सभी को ओत प्रोत करते हुए मुंशी प्रेमचंद को श्रद्धा सुमन अर्पित की. मौके पर उमेश ऋषि, मुनिजी गोस्वामी,  जयदेव बनर्जी, सुरेश प्रसाद यादव, पिंटू रजक, किशोर भारती इत्यादि उपस्थित थे.

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