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जमीन ऑनलाइन के पुराने मामले को लेकर अंचल कार्यालय में रैयतों का धरना फिर से शुरू


कर्मचारी तथा अंचल निरीक्षक के द्वारा प्रोसेस करने के बाद ऑपरेटर नजरुल निरीक्षण करने की बात कह रहा है- विकास
कतरास: 20-09-2024
जमीन ऑनलाइन कराने एवं मापी कराने के पुराने लंबित मामलों को लेकर ग्राम स्वराज के बैनर तले अंचल कार्यालय बाघमारा में फिर से धरना का आगाज किया गया. धरना का नेतृत्व विकास रजवार कर रहे थे. विकास रजवार ने बताया कि उन लोगों का जमीन ऑनलाइन कराने को लेकर महीनों से आवेदन लंबित है. जिसको लेकर पिछले बार ग्राम स्वराज अभियान के बैनर तले धरना दिया गया था. उक्त धरने में अंचल अधिकारी बाघमारा रवि भूषण प्रसाद ने धरना खत्म करने का आग्रह करते हुए आश्वासन दिया था कि 10 दिनों के भीतर सभी के शिकायतों का निष्पादन कर दिया जाएगा. लेकिन लगभग महीना बीत जाने के बावजूद भी अब तक शिकायतों का निष्पादन नहीं किया गया. इस बीच में कई बार अंचल अधिकारी से फोन पर बात भी हुई तथा कई बार मुलाकात करके अपनी समस्या को रखा लेकिन फिर भी टालमटोल वाली स्थिति बनी रही. को का ऑपरेटर नजरुल से संपर्क करने पर नजरुल ने कहा के कि वह जांच करेगा जबकि ऑनलाइन दस्तावेजों पर कर्मचारी तथा अंचल निरीक्षक के द्वारा जांच पड़ताल कर आगे के लिए प्रक्रिया भी कर दिया गया है तथा अंचल अधिकारी के पास है. ऐसे में ऑपरेटर नजरूल के द्वारा जांच करने की बात कहना समझ से परे है. इन्ही सबसे मजबूर होकर के आज पुन: सपरिवार धरना पर बैठना पड़ रहा है. धरने में बैठे खोनाठी के प्रदीप रजवार ने बताया कि लगभग डेढ़ दो महीना पहले उन्होंने अपने पिता कैलाश रजवार के नाम से जमीन के मापी के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया था लेकिन अभी तक अंचल कार्यालय द्वारा इसका अप्रूवल नहीं किया गया है.

विकास रजवार ने बताया कि बाद में अंचल अधिकारी के द्वारा वार्ता की गई. जिसमें उन्होंने कहा कि कुछ मामलों का निष्पादन कर दिया है तथा उनके स्वयं के मामले में वे निरीक्षण करने छोटा मंझलाडीह पहुँचे. निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि मापी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दे जल्द ही मापी कर कर समस्या का समाधान कर दिया जाएगा. ऑपरेटर नजरुल का पक्ष लेने के लिए फोन किया गया तो उनका फोन बंद पाया गया. धरने में शामिल दिलीप कुमार महतो, गुरुचरण महतो, कमल महतो, सुमित्रा देवी सहित अन्य लोग हाथों में आरटीआई एक्ट जिंदाबाद, हमारा सरकार हमारा अधिकार, सूचना का अधिकार आदि के तख्तियां लिये बैठे थे.

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