पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, राजगंज व कतरास थाना प्रभारी के निलंबन की मांग की
मुख्यमंत्री ने दिए जाँच के आदेश कहा, पत्रकारों पर आँच आई तो बख्से नही जायेंगे थानेदार
कतरास धनबाद: मंगलवार को धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा का 53 वाँ स्थापना समारोह मनाया गया। जिसमें पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सूबे के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन व उनकी धर्मपत्नी सह गांडेय विधायक श्री मति कल्पना सोरेन को मुकुट व माला पहनाकर गर्मजोशी से अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री व कल्पना सोरेन को सुनने कार्यक्रम में हजारों लोग जुटे। पूरा गोल्फ ग्राउंड मैदान झामुमो के बैनर से पट गया। अपने भाषणों में मुख्यमंत्री श्री सोरेन व श्रीमती कल्पना सोरेन ने भाजपा पर प्रहार करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। सरकार द्वारा चलाये जा रहे मइँया सम्मान योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी को अवगत कराया।
पत्रकार हमलाकांड को लेकर मुख्यमंत्री से मिले पीड़ित पत्रकार
पत्रकार निकेश पांडेय हमला कांड में राजगंज व कतरास थाना प्रभारी द्वारा बरती गई लापरवाही और कथित तौर पर कोयला माफियाओं को दिए गए संरक्षण के मामले में पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के भाषण से पहले मुख्यमंत्री से मिला और एक ज्ञापन सौंपा है। दिए गए ज्ञापन के अनुसार बताया गया कि पत्रकार निकेश पांडे ने राजगंज थाना क्षेत्र में चल रहे अवैध कोयला डिपो से संबंधित एक खबर चलाया था। जिसमें धंधा में संलिप्त राजगंज निवासी उज्जवल की संल्पिता को ठहराया गया था। इस खबर से तिलमिलाये राजगंज थाना प्रभारी के उकसावे में उज्जवल ने पत्रकार निकेश पर कतरास थाना क्षेत्र के राहुल चौक कतरास गढ मे जान मारने की नियत से 22 जनवरी को उज्जवल दे सहित तीन चार लोगों ने दिनदहाड़े बीच सड़क में पत्रकार पर हमला कर उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ कर जान मारने की नियत से अपहरण का प्रयास किया। संयोग से स्थानीय लोगो के प्रयास से पत्रकार को अगवा होने से बचा लिया गया था। वहीं मामले व अपहरण का एक विडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें अपराधियों को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। घटना के बाद पत्रकार के द्वारा मामले मे कतरास थाना मे नामजद के खिलाफ लिखित शिकायत दी गयी। जिसे कतरास पुलिस ने तत्काल कॉड संख्या 27/25 दिनांक 22/1/2025 दर्ज किया। बताया गया कि कांड अंकित होने के बाद से ही कतरास तथा राजगंज थानेदार मामले को रफा दफा करने मे जुट गये . आरोपी को गिरफ्तार करने के बजाये आरोपी से सुलह कराने के लिए दबाब बनाना शुरू कर दिया गया। कार्रवाई नही होने पर विवश होकर प्रेस क्लब तथा आम नागरिकों ने आरोपी के गिरफ्तारी के लिए चरणबद्ध आनदोलन किया। पहले पत्रकारों ने त्राहिमाम यात्रा व दुसरे दिन सांकेतित रुप से धरना प्रदर्शन किया। पत्रकारों के आंदोलन के दबाब में आरोपी ने माननीय न्यायलय मे 9 दिनो के बाद आत्मसमर्पण किया। पुलिस आरोपी को बचाने के लिए अभी भी लगातार प्रयास कर रही है। कांड मे संलिप्त अन्य आरोपी कि गिरफ्तारी के लिए कोई प्रयास नही किया जा रहा है .ना ही कांड मे आरोपी द्वारा इस्तेमाल किया गया चार पहिया वाहन को जप्त किया गया है। जबकि पिडित पत्रकार के द्वारा पुलिस को दिया गया अपने शिकायत मे उक्त वाहन का नम्बर को भी अंकित किया गया है। पत्रकारों ने सीएम को बताया कि पुरे मामले कतरास थाना प्रभारी असित कुमार सिंह व राजगंज थाना प्रभारी अलिसा अग्रवाल का कार्यशैली संदेहास्पद है। पत्रकारों ने कतरास तथा राजगंज थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित करने की मांग की। कहा कि यदि दोनो थानेदार का व्हाट्सएप कॉल डिटेल निकाला गया तो इनकी भुमिका खुद ब खुद बाहर आ जायेगी। बताया जा रहा है कि मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने जाँच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही कहा कि पत्रकारों पर आंच आई तो संबंधित थानेदार बख्से नही जायेंगे। लोगों द्वारा कयास लगाया जा रहा है कि जल्द ही बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
घटना की विस्तृत जानकारी के लिए नीचे दिए गए वीडियो को देखे............



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