नरोत्तम कुमार पुरले को मिली पीएचडी की उपाधि बढ़ाया जिले मान
विकिरण डोसिमेट्री के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध, मानव सुरक्षा व चिकित्सा विज्ञान को मिलेगा लाभ।
डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, कोटा–बिलासपुर द्वारा नरोत्तम कुमार पुरले को भौतिकी विषय में *डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.)* की उपाधि प्रदान की गई है। उन्हें यह उपाधि उनके शोध प्रबंध *"Synthesis and Characterization of the Radiation Dosimetry Borate Based Phosphors”* के लिए प्रदान की गई, जो विकिरण डोसिमेट्री *(Radiation Dosimetry)* के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी शोध माना जा रहा है।
*शोध का उद्देश्य एवं वैज्ञानिक महत्व*
इस शोध का प्रमुख उद्देश्य बोरेट आधारित फॉस्फर पदार्थों का *संश्लेषण (Synthesis)* एवं उनका सूक्ष्म स्तर पर चरित्रांकन *(Characterization)* करना था, ताकि इन्हें विकिरण की सटीक माप के लिए प्रभावी रूप से उपयोग किया जा सके। शोध कार्य विज्ञान संकाय अंतर्गत भौतिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर *डॉ. एम. जेड. खान* के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।
*यह शोध कार्य प्रायोगिक(Experimental) एवं सैद्धांतिक (Theoretical)* दोनों ही दृष्टियों से अत्यंत समृद्ध है। इसके अंतर्गत संश्लेषित सामग्रियों के मैकेनोल्यूमिनेसेंस (ML), फोटोल्यूमिनेसेंस (PL) एवं थर्मोल्यूमिनेसेंस (TL) गुणों का विस्तृत अध्ययन किया गया। साथ ही, विभिन्न परिस्थितियों में इनके व्यवहार का तुलनात्मक विश्लेषण कर उनकी संवेदनशीलता, स्थायित्व एवं उपयोगिता का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया गया है।
*"चिकित्सा, परमाणु एवं सुरक्षा क्षेत्र में उपयोगिता*
डॉ. पुरले का यह शोध विकिरण सुरक्षा के क्षेत्र में विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगा। चिकित्सा क्षेत्र में, विशेषकर कैंसर उपचार (रेडियोथेरेपी), मेडिकल इमेजिंग, तथा डायग्नोस्टिक प्रक्रियाओं के दौरान उपयोग होने वाले विकिरण की खुराक को सटीक रूप से मापने एवं नियंत्रित करने में यह शोध सहायक होगा।
इसके अतिरिक्त, परमाणु ऊर्जा संयंत्रों, अनुसंधान प्रयोगशालाओं एवं औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों की विकिरण सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु यह डोसिमेट्री तकनीक अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है। इस शोध से विकसित सामग्री मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं वैज्ञानिक सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
*शैक्षणिक परिचय*
वर्तमान में डॉ. नरोत्तम कुमार पुरले शासकीय विज्ञान महाविद्यालय, मुंगेली में सहायक प्राध्यापक (भौतिकी) के पद पर कार्यरत हैं। वे शिक्षण के साथ-साथ शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में भी निरंतर सक्रिय हैं। वे पं. चित्तराम पुरले एवं श्रीमती रामकली पुरले के सुपुत्र हैं।
*शुभकामनाएँ एवं सम्मान*
उनकी इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि पर महाविद्यालय परिवार, विश्वविद्यालय प्रशासन, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि मुंगेली जिले एवं छत्तीसगढ़ राज्य के लिए भी गौरव का विषय है।


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