ग्रीष्मकाल में जल संकट
जिला जल आभाव ग्रस्त घोषित जिले में नलकूप खनन पर रोक, बिना अनुमति होगी सख्त कार्रवाई
मुंगेली
ग्रीष्म ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुन्दन कुमार ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आदेश के तहत संपूर्ण जिले को आगामी आदेश तक जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करते हुए नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 की धारा 03 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निर्देश जारी किया है। अधिनियम की धारा 06 के अनुसार, अब जिले में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी नया नलकूप पेयजल अथवा अन्य किसी प्रयोजन के लिए नहीं खोदा जा सकेगा।
इन एजेंसियों को रहेगी छूट
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शासकीय एजेंसियां जैसे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को संपूर्ण जिले में तथा नगरपालिका परिषद एवं नगर पंचायतों को केवल पेयजल प्रयोजन हेतु अपने नगरीय निकाय क्षेत्र में नलकूप खनन के लिए पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, उन्हें इस अवधि में किए गए खनन की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को अनिवार्य रूप से भेजनी होगी।
एसडीएम को बनाया गया प्राधिकृत अधिकारी
नलकूप खनन की अनुमति प्रदान करने हेतु संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। इच्छुक आवेदक कार्यालयीन समय में दो रुपये शुल्क जमा कर निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन प्रस्तुत करने के पश्चात दस दिवस के भीतर जांच की जाएगी और उपयुक्त पाए जाने पर अनुमति जारी की जाएगी।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति अथवा एजेंसी अधिनियम का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति नलकूप खनन करते पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहें और शासन के निर्देशों का पालन कर पेयजल संसाधनों के संरक्षण में सहयोग प्रदान करें।



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