मुंगेली में साइबर जागृति अभियान तेज, पेंशनरों से लेकर वनांचल के ग्रामीणों तक पहुंची पुलिस की जागरूकता मुहिम
इसी क्रम में 27 सितंबर को मुंगेली के सतनाम भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ के संभागीय सम्मेलन में 300 से अधिक पेंशनधारियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में न्यायमूर्ति डॉ. चंद्रभूषण बाजपेयी एवं पूर्व आईएएस डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव की उपस्थिति रही।
सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े ने वरिष्ठ नागरिकों को लक्षित कर होने वाले साइबर अपराधों की जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट, पेंशन एवं केवाईसी अपडेट के नाम पर भेजे जाने वाले फर्जी लिंक, लॉटरी, अनजान वीडियो कॉल तथा जीवन प्रमाण-पत्र के नाम पर होने वाले बैंक फ्रॉड से सावधान रहने की समझाइश दी।
पुलिस ने पेंशनरों से स्पष्ट रूप से कहा कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, आधार नंबर या सीवीवी साझा न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
वहीं, जिले के वनांचल क्षेत्र ग्राम खुड़िया के साप्ताहिक बाजार में भी पुलिस टीम ने जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों और पर्यटकों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी। उप निरीक्षक सीमा, हर्षा वर्मा, सउनि मधुकर रात्रे एवं आरक्षक बबीता श्रीवास ने स्थानीय भाषा में सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी लोन ऐप और यूपीआई ठगी के खतरों से लोगों को अवगत कराया।
पुलिस ने लोगों को बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो घबराने के बजाय तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते शिकायत मिलने पर ठगी की रकम को संबंधित खाते में होल्ड कराने की कार्रवाई की जा सकती है।
जिला मुंगेली पुलिस का कहना है कि “साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” के संकल्प के साथ जिले के शहरी क्षेत्रों से लेकर वनांचल और ग्रामीण इलाकों तक साइबर जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा।


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