आपराधिक मामलों के हवाले से भाजपा ने तोसिफ खान को दायित्वों से किया मुक्त, 7 दिन में मांगा स्पष्टीकरण
बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी ने बिलासपुर शहर अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़े प्रदेश मंत्री तोसिफ खान के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की है। 16 सितंबर 2026 को प्रदेश भाजपा कार्यालय से जारी आदेश में उन्हें पार्टी के सभी दायित्वों से तत्काल प्रभाव से मुक्त किए जाने की बात कही गई है। पार्टी के आदेश के अनुसार, तोसिफ खान के विरुद्ध न्यायालय में कई आपराधिक मामले विचाराधीन होने का उल्लेख किया गया है। भाजपा ने इसे संगठनात्मक अनुशासन से जोड़ते हुए उनसे इस संबंध में सात दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है।
प्राथमिक सदस्यता पर भी फैसला संभव
जारी पत्र में कहा गया है कि स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद यह निर्णय लिया जा सकता है कि तोसिफ खान को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया जाए या नहीं। यानी फिलहाल कार्रवाई संगठन के दायित्वों से मुक्त करने तक है और प्राथमिक सदस्यता को लेकर अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है।
पार्टी की छवि प्रभावित होने का उल्लेख
भाजपा के प्रदेश कार्यालय से जारी आदेश में न्यायालय में लंबित बताए गए आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए इसे पार्टी की छवि से जुड़ा विषय बताया गया है। हालांकि, उपलब्ध आदेश में इन मामलों के नाम, धाराएं, वर्तमान न्यायिक स्थिति अथवा किसी मामले में दोषसिद्धि का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
इसलिए इस रिपोर्ट में आपराधिक मामलों से संबंधित जानकारी को भाजपा के जारी आदेश में किए गए उल्लेख के रूप में ही प्रस्तुत किया जा रहा है।
सात दिन में देना होगा जवाब
तोसिफ खान को आदेश प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि उनके विरुद्ध संगठनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित क्यों न किया जाए।
आदेश के मुताबिक, स्पष्टीकरण के बाद ही संगठन की ओर से आगे की कार्रवाई तय होगी।
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
प्रदेश कार्यालय ने कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने की बात कही है। आदेश की प्रतियां पार्टी के संबंधित संगठनात्मक पदाधिकारियों, अल्पसंख्यक मोर्चा और भाजपा बिलासपुर शहर संगठन को भेजे जाने का उल्लेख है। गौरतलब है कि आपराधिक मामला न्यायालय में लंबित होना अपने आप में दोषसिद्धि नहीं माना जाता। तोसिफ खान की ओर से इस आदेश पर कोई जवाब या उनका पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।




Post a Comment
0 Comments