Type Here to Get Search Results !

प्रेमिका से मिलने आधी रात पहुंचा युवक, भाई ने देख लिया; फावड़े से हत्या कर 24 घंटे छिपाया शव, महिला समेत 3 गिरफ्तार

प्रेमिका से मिलने आधी रात पहुंचा युवक, भाई ने देख लिया; फावड़े से हत्या कर 24 घंटे छिपाया शव, महिला समेत 3 गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा। ग्राम कोसा के चर्चित अमित भंडारी हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग की वजह सामने आई है। मामले में मृतक की प्रेमिका संतोषी सिंह, उसके भाई बजरंग सिंह और बड़े भाई पप्पू सिंह को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार अमित भंडारी का संतोषी सिंह से शादी से पहले से प्रेम संबंध था। शादी के बाद भी दोनों के बीच बातचीत जारी थी। 27 जून की रात करीब 1:30 बजे तक दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद लगभग 2:30 बजे अमित संतोषी से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा।

इसी दौरान टेंट का काम खत्म कर घर लौटे संतोषी के भाई बजरंग सिंह ने पीछे से आवाज सुनी। मौके पर पहुंचने पर उसने अमित को अपनी बहन के साथ देख लिया। इसके बाद दोनों के बीच विवाद और मारपीट शुरू हो गई।

दीवार फांदकर भाग रहा था अमित

पुलिस के मुताबिक संघर्ष के दौरान अमित का सिर पीछे की दीवार से टकराया, जिससे वहां खून के निशान बन गए। अमित जान बचाकर दीवार फांदकर भागने की कोशिश कर रहा था, तभी बजरंग सिंह ने पास पड़े छोटे फावड़े/रापा से उसके सिर और छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण अमित की मौत हो गई।

हत्या के बाद बजरंग ने शव को घर के पीछे झाड़ियों में छिपा दिया। अगले दिन उसने अपने बड़े भाई पप्पू सिंह को घटना की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार इसके बाद दोनों भाइयों ने अमित की तलाश करने का नाटक किया और परिजनों के साथ थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई।

24 घंटे से ज्यादा छिपा रहा शव

28 जून की रात मौका देखकर बजरंग और पप्पू ने शव को गांव के बीच स्थित एक निर्जन बाड़ी में ले जाकर ठिकाने लगा दिया। 29 जून को शव बरामद होने के बाद पुलिस ने अज्ञात हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

मृतक का फाइल फोटो 

जांच के लिए गठित एसआईटी ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), IPDR, टावर डंप, GPS, CCTV फुटेज और संदिग्धों की लोकेशन समेत कई तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। बिलासपुर की सीनियर ट्रैकर डॉग विमला की लीड भी जांच में महत्वपूर्ण रही।

पूछताछ में बदले बयान, बढ़ता गया पुलिस का शक

पुलिस ने जांच के दौरान ब्रेन मैपिंग, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट जैसी आधुनिक तकनीकों का भी सहारा लिया। पूछताछ में आरोपियों के बार-बार बयान बदलने और संदिग्ध गतिविधियों के सामने आने के बाद पुलिस का शक गहराता गया।

सख्ती से पूछताछ के बाद पुलिस के मुताबिक बजरंग सिंह, संतोषी सिंह और पप्पू सिंह ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की।

आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया फावड़ा/रापा और शव को दूसरी जगह ले जाने में इस्तेमाल की गई छोटी सीढ़ी बरामद की गई है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि बजरंग सिंह को पुलिस रिमांड पर लेकर आगे की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। 

Post a Comment

0 Comments

Top Post Ad