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सब्जियों की चमक देखकर न भरें थैला! गाजर, टमाटर, मूली से लेकर खीरे तक खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

सब्जियों की चमक देखकर न भरें थैला! गाजर, टमाटर, मूली से लेकर खीरे तक खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

बिलासपुर। सब्जी मंडी में जाते ही ठेले पर सजी चमकदार, चिकनी और एक जैसी दिखने वाली सब्जियां अक्सर लोगों का ध्यान खींच लेती हैं। लेकिन सब्जी खरीदते समय सिर्फ रंग, आकार और चमक देखकर फैसला करना सही नहीं है। सब्जी की ताजगी, मजबूती, प्राकृतिक बनावट और खराब होने के संकेतों को भी जरूर देखना चाहिए।

अक्सर बाजार में देसी और हाइब्रिड दोनों तरह की किस्में उपलब्ध होती हैं। हालांकि केवल हाइब्रिड होने का मतलब यह नहीं है कि कोई सब्जी कम पौष्टिक या अस्वास्थ्यकर है। सब्जी की पोषण गुणवत्ता उसकी किस्म के साथ-साथ ताजगी, पकने की अवस्था और भंडारण पर भी निर्भर करती है। इसलिए खरीदारी के दौरान सही पहचान और गुणवत्ता पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

गाजर खरीदते समय क्या देखें?

गाजर सख्त और ताजी होनी चाहिए। बहुत ज्यादा नरम, सिकुड़ी हुई या दाग-धब्बों वाली गाजर लेने से बचें। गाजर का आकार अलग-अलग किस्मों में अलग हो सकता है, इसलिए केवल पतली या मोटी होने के आधार पर देसी और हाइब्रिड की पहचान करना सही नहीं है।

टमाटर में रंग से ज्यादा जरूरी है मजबूती

टमाटर खरीदते समय उसकी त्वचा पर सड़न, फफूंद या गहरे धब्बे न हों। जरूरत के हिसाब से पके और थोड़े कच्चे टमाटर चुने जा सकते हैं। बहुत ज्यादा दबे हुए या असामान्य रूप से नरम टमाटर जल्दी खराब हो सकते हैं। चमकदार होना अपने आप में ताजगी की गारंटी नहीं है।

मूली और खीरे में ताजगी ऐसे पहचानें

मूली खरीदते समय वह सख्त और कुरकुरी होनी चाहिए। बहुत ज्यादा नरम या सिकुड़ी मूली से बचें। वहीं खीरा लेते समय उसका छिलका अपेक्षाकृत मजबूत और बिना सड़न के होना चाहिए। बहुत ज्यादा नरम या दबा हुआ खीरा ताजगी खो चुका हो सकता है।

शिमला मिर्च खरीदते समय भी रखें ध्यान

शिमला मिर्च का रंग हरा, लाल, पीला या अन्य किस्मों के अनुसार अलग हो सकता है। खरीदते समय ऐसी शिमला मिर्च चुनें जिसकी त्वचा मजबूत और तनी हुई हो तथा जिस पर सड़न, कट या काले धब्बे न हों। केवल बड़ी या ज्यादा चमकदार होने से उसकी गुणवत्ता तय नहीं होती।

सब्जी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

सब्जी की बाहरी चमक देखकर तुरंत खरीदने के बजाय उसकी मजबूती, ताजगी, प्राकृतिक बनावट और खराब होने के संकेत देखें। कटी-फटी, फफूंद लगी, सड़ी या असामान्य रूप से नरम सब्जियां न खरीदें। घर लाने के बाद सब्जियों को अच्छी तरह धोकर और उचित तरीके से स्टोर करके इस्तेमाल करें।

याद रखें—देसी या हाइब्रिड से ज्यादा जरूरी है सब्जी की गुणवत्ता और ताजगी। अगली बार मंडी जाएं तो सिर्फ खूबसूरती नहीं, बल्कि सब्जी की वास्तविक हालत देखकर ही अपनी टोकरी भरें। 

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