कतरास के आकाशकिनारी कांटाघर स्थित जरलाही बस्ती के रहने वाले संजय भुइयां की कल दोपहर को आकश्मिक मृत्यु हो गई.
लेकिन संजय भुइया के तीन पुत्रो में से एक पुत्र गोरिल्ला भुइया किसी कारणवश जेल में बंद था. इधर मृत संजय भुइया की पत्नी ने साफ साफ कह दिया की जब तक मेरा बेटा गोरिल्ला नही आयेगा तब तक अपने पति का अंतिम संस्कार नही होने देंगे. मामले की जानकारी मिलने पर भट्टमुरना के समाजसेवी दिलीप दशौन्धी ने मृतक की पत्नी से वादा किया कि उसका बेटा जरूर आएगा. फिर दिलीप दाशौंधी ने जमुआ पंचायत के मुखिया अर्जुन भुइया को इस बात की जानकारी दी. मुखिया के सहयोग से कतरास थाने में भी इसकी मौखिक सूचना दी गई और आज बहुत प्रयास के बाद गोरिल्ला भुइया का बेल हो गया. उसके बाद वो सीधे शमशान घाट पहुंचा और अपने पिता को मुखाग्नि दी. इस कार्य में शक्ति नंदन भुइया और अधिवक्ता निर्भय कुमार का भी योगदान रहा.
इस नेक कार्य के लिए जरलाही बस्ती के बस्ती के लोगो ने दिलीप दशौंधी की खूब प्रशंसा की. उक्त जानकारी समाजसेवी दिलीप दशौन्धी ने दी.

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