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बाघमारा सीओ के डेटा इंट्री ऑपरेटर नरुल पर आवेदक से 25 हजार घुस माँगने का आरोप। आवेदक ने सीओ को शिकायत कर ऑपरेटर पर कार्रवाई की मांग की

धनबाद(बाघमारा): 13-06-2024 
बाघमारा अंचल कार्यालय एवं प्रखंड कार्यालय में भ्रष्टाचार किसी से छिपा नहीं है. पर्दे के पीछे से अक्सर पैसे की मांग की जाती है जिसके कारण आम गरीब तबके के लोगो का काम समय पर नही हो पाता है. ताजा मामला लौहपिट्टी निवासी दिलीप कुमार महतो का है जिससे बाघमारा सीओ के ऑपरेटर नरुल ने ऑनलाईन इंट्री कराने के एवज में 25 हजार रुपये की मांग की है. पूरे मामला का जिक्र करते हुए पीड़ित आवेदक ने बताया कि आपकी सरकार, आपके द्वार शिविर में अपने जमीन का ऑनलाइन प्रविष्टि(इंट्री) कराने का आवेदन दिए थे, परंतु विभाग द्वारा उस आवेदन पर कोई कारवाई नहीं हुई. तत्पश्चात पुन: अंचल अधिकारी से मिलकर इस संबंधित में बात किया लेकिन काम नही हुआ. ऑपरेटर नरुल ने आवेदन लेते समय कहा की इंट्री के काम में प्रति डिसमिल 2 हजार के हिसाब से पैसा लगता है. कम से कम में तुम्हारा काम कर देंगे. पच्चीस हजार देने पर अभी तुंरत इंट्री कर के दें देंगे. मैंने पैसे देने पर अपना असमर्थता जताया और कहा की सामान्य प्रक्रिया के तहत मेरा आप इंट्री कर दीजिए. मुझे कोई हड़बड़ी नही है. 
25 हजार नही दिया इसीलिए ऑपरेटर ने ऑनलाइन इंट्री करते समय भूस्वामी के नाम मे जानबूझकर गड़बड़ी कर दिया- दिलीप
जब बहुत दिनो तक मेरे जमीन का इंट्री का काम नहीं हुआ तो बाध्य होकर 11 जून 2024 को अन्य लोगों के साथ अंचल कार्यालय में धरना में बैठा. इसी दिन इन्होंने मेरा जमीन का ऑनलाइन प्रविष्टि करते समय मुझे परेशान और प्रताड़ित करने की नियत से मेरे जमीन में पिता/पति के नाम के टाइटल महतो के बदले मेहता लिखकर गलत इंट्री कर दिया ताकि मैं बाद में फिर से परेशान होकर उसके पास आऊं. रिश्वत नहीं मिलने से ही खिन्न होकर ऑपरेटर ने भू स्वामी के पिता/पति के नाम के टाइटल में जानबूझकर गड़बड़ी कर दिया. 
इस संबंध में आवेदक दिलीप कुमार महतो ने अंचल अधिकारी बाघमारा को लिखित शिकायत करते हुए ऑपरेटर नरुल के खिलाफ कार्यवाई करने एवं जमीन का ऑनलाइन सुधार करने का आग्रह किया है. वहीँ इस संबंध में ऑपरेटर का पक्ष लेने के लिए ऑपरेटर नरुल को फोन किया गया लेकिन ऑपरेटर ने फोन नही उठाया. बता दे कि इससे पहले भी बाघमारा अंचल के पूर्व के हल्का कर्मचारी देवेन्द्र पाण्डेय को एसीबी ने 9 हजार रिश्वत लेते हुए
रंगे हाथ पकड़ा था. उसके बावजूद भी बाघमारा अंचल में रिश्वतखोरी कम नहीं हुई है. बहरहाल देखना है कि ऑपरेटर नरुल पर विभागीय कार्रवाई होती है या नहीं

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