प्रो० आर के सिंह
शेड लगवाने एवं लेबोरेटरी के सामान में भ्रष्टाचार करने से जुड़ा है मामला
कतरास: 05-08-2024
कतरास कॉलेज कतरास के जूलॉजी के प्रोफेसर आरके सिंह ने कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर वीरेंद्र कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. प्रोफेसर आरके सिंह ने कहा कि कुछ दिन पहले लेबोरेटरी का सामान आया है ऐसा कह कर मुझे सामान रिसीव करने के कागजात में हस्ताक्षर करने को कहा गया. जब मैंने पूछा कि सामान दिखाइए यहां तो केवल दो कार्टून रखा है. इस पर प्रिंसिपल ने कहा कि ज्यादा पूछताछ मत करो चुपचाप से साइन करो. जब मैंने साइन करने से मना कर दिया तब उन्होंने कहा कि साइन नही करोगे तो गेट से बाहर कर देंगे और सैलरी भी काट लेंगे. इसके बाद उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर मुझसे जबरान साइन करवाया. जब मैंने यूनिवर्सिटी में कहा कि मुझे सामान नहीं मिला है अभी तक और साइन करा लिया गया है.
तब वहां कहीं भी मेरा नाम नहीं पाया गया जिससे यह पता चलता है कि सामान की खरीदारी में फर्जीवाड़ा हुआ है और मेरे साथ धोखा भी हुआ है. उन्होंने कहा कि उनका सैलरी भी काट लिया गया है. बताया कि कुछ दिन पहले कमरे के छत से पानी गिर रहा था, जिसमें कमरे की मरम्मत कराई गई. उसमें भी प्रिंसिपल के द्वारा कमीशन लेने को लेकर विवाद किया गया. कहा कि कई दिन बाद कुछ सामान आया है जो यहाँ रखा हुआ है.
प्रिंसिपल डॉ० बीरेंद्र कुमार
मुझ पर लगे आरोप गलत, प्रो० ने गायब कर दिए 3 सामान- प्रिंसिपल डॉ० बीरेंद्र
मामले को लेकर जब प्रिंसिपल से बात किया गया तब उन्होंने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए सारे आरोप गलत और बेबुनियाद है. उन्होंने बताया कि लेबोरेटरी में 10 लाख का सामान आया था जिसमें से तीन सामान प्रोफेसर आरके सिंह के द्वारा गायब कर दिया गया है. इसलिए मुझ पर आरोप लगा रहे हैं. जल्द ही यूनिवर्सिटी स्तर से इसकी जांच पड़ताल की जाएगी.
भ्रष्टाचार की जांच होनी चाहिए- शुभम हजारी- विद्यार्थी परिषद नेता
वहीं भीतर के मुख्य द्वार के समीप एक शेड लगाया गया है जिसको लेकर विद्यार्थी परिषद के नेता शुभम हजारी ने शेड लगाने में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है. शुभम हजारी ने कहा की देखने से प्रतीत होता है कि यह 15 से 20 हजार रुपए का शेड लगाया गया है. लेकिन प्रिंसिपल के द्वारा 44 हजार का बिल बनवा दिया गया है. विद्यार्थी परिषद के नेता ने मामले में जांच पड़ताल करने की मांग की है. वहीं प्रिंसिपल के द्वारा बताया गया कि शेड की खरीदारी कतरास से की गई जबकि लगाने वाले मजदूर धनबाद से आए थे. उन्होंने 44 हजार के बिल में साइन करने की बात स्वीकार की. वहीं किसी सामान के रिसीविंग करने में कॉलेज के एक सिक्योरिटी गार्ड के द्वारा साइन करके सामान रिसीव करने की बात भी सामने आ रही है. बहरहाल जो भी हो जांच पड़ताल के बाद ही मामले में सच्चाई सामने आ सकेगी.




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