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साइबर ठगों की जड़ तक पहुंची बिलासपुर पुलिस – गिरोह सलाखों के पीछे, 59 लाख की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश, सॉफ्टवेयर इंजीनियर समेत 4 गिरफ्तार

साइबर ठगों की जड़ तक पहुंची बिलासपुर पुलिस – गिरोह सलाखों के पीछे, 59 लाख की ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश, सॉफ्टवेयर इंजीनियर समेत 4 गिरफ्तार

एनआईआईटी दिल्ली से पढ़ा इंजीनियर निकला मास्टरमाइंड ठग

बिलासपुर छत्तीसगढ़|

ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने लगभग 59 लाख 87 हजार 994 रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य आरोपी ललीत कुमार सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, जिसने एनआईआईटी दिल्ली से पढ़ाई की है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं –

1. ललीत कुमार पिता सुरेन्द्र सिंह उम्र 32 वर्ष निवासी धारनाका महू जिला इंदौर (म.प्र.)

2. बबलू उर्फ कमलजीत सिंह चौहान पिता दिलावर सिंह चौहान उम्र 38 वर्ष निवासी अयोध्यापुरी कॉलोनी कोदारिया महू जिला इंदौर (म.प्र.)

3. अर्पित साल्वे पिता संतोश साल्वे उम्र 30 वर्ष निवासी गिरनार सिटी फेस-1 गुजरखेड़ा महू जिला इंदौर (म.प्र.)

4. रोहित निषाद पिता बहादुर निषाद उम्र 25 वर्ष निवासी शिवनगर कॉलोनी धारनाका महू जिला इंदौर (म.प्र.)

आरोपियों से 04 मोबाइल, 08 एटीएम कार्ड, 01 यूपीआई कार्ड, 02 पैन कार्ड, 01 चेकबुक और 02 पासबुक जब्त किए गए हैं।

मामले में शिकायतकर्ता अल्पना जैन को निवेश और मुनाफे का झांसा देकर आरोपियों ने डिमेट अकाउंट खोलने तथा शेयर-गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर अलग-अलग तिथियों में कुल 59,87,994 रुपये जमा करवाए थे। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी एजेंसी "गणेशम सिक्योरिटी" और नकली वेबसाइट-एप के जरिए लोगों को धोखा देते थे।

मुख्य आरोपी ललीत कुमार पहले एक ऑनलाइन शॉपिंग साइट में मैनेजर था। उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी वेबसाइट और एप बनाकर लोगों को झांसे में लिया और बैंक खातों का इस्तेमाल कमीशन पर कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए अधिकांश मोबाइल सिम और एटीएम को आरोपी काम पूरा होने के बाद नष्ट कर देते थे।

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने मध्यप्रदेश के महू क्षेत्र में लगातार तीन दिन तक निगरानी रखी और दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाकर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

इस पूरी कार्रवाई में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज डॉ. संजीव शुक्ला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राजेन्द्र जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनुज कुमार और सीएसपी सिविल लाइन निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में रेंज साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश मिश्रा, निरीक्षक रविशंकर तिवारी, सउनि सुरेश पाठक, प्रधान आरक्षक सैय्यद साजिद, विक्लू सिंह ठाकुर, आरक्षक विजेंद्र सिंह और चिरंजीव की विशेष भूमिका रही।


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