बिलासपुर: आरएसएस सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का छत्तीसगढ़ प्रवास, सर्वे भवन्तु सुखिनः का भाव स्वयंसेवक के जीवन का आधार – मोहन भागवत
बिलासपुर में शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का एक दिवसीय प्रवास रहा। इस दौरान उन्होंने संघ के पूर्व विभाग संघचालक स्वर्गीय काशीनाथ गोरे जी पर आधारित स्मारिका का लोकार्पण किया।
सिम्स ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ स्मारिका विमोचन समारोह
कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) के ऑडिटोरियम में किया गया। यहां बड़ी संख्या में संघ कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और प्रबुद्धजन शामिल हुए। समारोह का माहौल श्रद्धा और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा।
काशीनाथ गोरे जी का जीवन रत्नदीप समान – मोहन भागवत
स्मारिका का विमोचन करते हुए डॉ. मोहन भागवत ने स्वर्गीय काशीनाथ गोरे जी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा—
“काशीनाथ जी का जीवन रत्नदीप के समान रहा। उन्होंने स्वयं को समाज और राष्ट्र की सेवा में पूरी तरह समर्पित किया। स्वयंसेवक के जीवन में ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का भाव सदा झलकता है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. रमन सिंह ने की
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने काशीनाथ गोरे जी के व्यक्तित्व और योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि समाज को ऐसे प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व से सतत प्रेरणा मिलती है।
वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री रामविचार नेताम, पूर्व आईएएस एवं विधायक ओपी चौधरी, श्याम बिहारी जायसवाल, राजेश अग्रवाल, लक्ष्मी राजवाड़े, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल और धरमलाल कौशिक सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
काशीनाथ गोरे जी की स्मृतियों को नमन
अंत में पूरे समारोह ने स्वर्गीय काशीनाथ गोरे जी के योगदान को नमन किया। सभी ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने और समाजहित में कार्य करने का संकल्प दोहराया।
इस प्रकार बिलासपुर का यह ऐतिहासिक कार्यक्रम समाज और राष्ट्र सेवा को समर्पित एक प्रेरणादायी आयोजन के रूप में स्मरणीय बन गया।



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