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साइबर ठगी का बड़ा मामला : युवक ने गूगल से निकाला कॉलगर्ल का नंबर, चुकाने पड़े ₹2 लाख 30 हजार 800 रुपये

साइबर ठगी का बड़ा मामला : युवक ने गूगल से निकाला कॉलगर्ल का नंबर, चुकाने पड़े ₹2 लाख 30 हजार 800 रुपये


फरीदाबाद में साइबर क्राइम का शिकार हुआ युवक। (Photo: AI)

दुलाल मुखर्जी|POWER NEWS 24 BHARAT 

Crime News|फरीदाबाद। ऑनलाइन ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद के बल्लभगढ़ इलाके में एक युवक के साथ ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। गूगल से कॉलगर्ल का नंबर निकालना युवक को भारी पड़ गया — कुछ ही घंटों में उसकी ₹2,30,800 रुपये की रकम ठग ली गई।

कॉलगर्ल सर्विस के नाम पर साइबर ठगी 

जानकारी के अनुसार, फरीदाबाद सेक्टर-3 निवासी युवक ने 19 नवंबर को गूगल पर “एस्कॉर्ट सर्विस” खोजी थी। उसे एक नंबर मिला और उसने व्हाट्सएप पर संपर्क किया। चैट करने वाले व्यक्ति ने एक दूसरा नंबर भेजा और कहा कि यही लड़की सर्विस उपलब्ध कराएगी।

22 नवंबर को युवक ने उस नंबर पर कॉल किया। लड़की ने उसे ओल्ड फरीदाबाद चौक स्थित एक होटल में बुलाया और नया नंबर भेजा।

होटल पहुंचते ही शुरू हुआ ‘खेल’

होटल पहुंचने पर युवक को एक और कॉल आया, जिसमें एक दूसरी लड़की ने पहले पेमेंट की मांग की। उसने होटल एंट्री, पुलिस वेरिफिकेशन, जीएसटी और सर्विस चार्ज के नाम पर रकम मांगी। युवक ने अपने दोस्तों आयुष्य सैनी और स्वप्निल चौधरी की मदद से यूको बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक और एसबीआई के खातों में रकम ट्रांसफर की।

राशि भेजने के बाद कॉल कट गई और सभी नंबर स्विच ऑफ हो गए। काफी देर तक होटल के बाहर इंतजार करने के बाद युवक को ठगी का अहसास हुआ।

पुलिस में शिकायत, जांच शुरू

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसने कुल ₹2,30,800 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए हैं। शिकायत मिलने के बाद बल्लभगढ़ शहर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है और ठगों के बैंक खातों व कॉल डिटेल्स खंगाल रही है।

45 होटलों में छापेमारी, पुलिस की सख्त चेतावनी

शिकायत के बाद पुलिस ने नवलू कॉलोनी और रेलवे रोड क्षेत्र के करीब 45 होटलों में छापेमारी की। तीन घंटे चली इस कार्रवाई में होटल रजिस्टर और कमरों की गहन जांच की गई, हालांकि कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली।

थाना प्रभारी ने सभी होटल संचालकों को चेतावनी दी है कि बिना वैध पहचान पत्र के किसी को भी कमरा दिया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अब बैंक खातों और मोबाइल डिटेल्स के आधार पर ठगों का नेटवर्क तलाशने में जुटी है।

किसी भी तरह की एस्कॉर्ट या सर्विस वेबसाइट पर भरोसा न करें। संदिग्ध वेबसाइट, व्हाट्सएप चैट या कॉल पर कोई भी भुगतान करने से पहले जांच अवश्य करें। 

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