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आयोग के निर्देश पर आवेदिका को रेरा से मिली 50 लाख रुपये की वापसी

आयोग के निर्देश पर आवेदिका को रेरा से मिली 50 लाख रुपये की वापसी

दुलाल मुखर्जी | POWER NEWS 24 BHARAT 

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ | नवंबर 2025 | छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की माननीय अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आज जिला पंचायत भवन बिलासपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित 22 प्रकरणों की जनसुनवाई की। यह आयोग की प्रदेश स्तरीय 355वीं और बिलासपुर जिले की 22वीं सुनवाई थी।

डॉ. नायक की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की सुनवाई की गई, जिनमें कई मामलों में आपसी सुलह, समाधान और ठोस कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।

प्रमुख प्रकरण : रेरा से 50 लाख की राशि मिली वापस

एक महत्वपूर्ण मामले में आवेदिका ने आयोग को बताया कि उसके प्रकरण के दर्ज होने के बाद ही अनावेदक पक्ष ने रेरा (Real Estate Regulatory Authority) से उसे 50 लाख रुपये की राशि वापस कर दी है। इस पर आवेदिका ने आवेदन वापस लेने की इच्छा जताई। आयोग ने इसे स्वीकार करते हुए प्रकरण को नस्तीबद्ध (समाप्त) कर दिया।

डॉ. किरणमयी नायक जी को पूरा सुने देखे पूरा वीडियो...

अन्य मामलों में आयोग के निर्देश

सुनवाई के दौरान कुछ मामलों में आवेदिका और अनावेदक के बीच आपसी समझौते की संभावना बनी।

एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि आंतरिक परिवाद समिति ने जांच पूरी तरह से नहीं की। आयोग के समक्ष अनावेदक ने आवेदिका से माफी मांगी, जिसके बाद दोनों पक्षों में सुलह हो गई और मामला नस्तीबद्ध कर दिया गया।

जिला खेल परिसर से जुड़े प्रकरण में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद महिला खिलाड़ियों को समय स्लॉट (Time Slot) देने का आश्वासन अनावेदक द्वारा दिया गया। आयोग ने इसे स्वीकार करते हुए मामला समाप्त किया।

एक अन्य शिकायत में अनावेदक ने स्वीकार किया कि उसके शब्दों से आवेदिका को ठेस पहुँची, जिस पर उसने आयोग के समक्ष खेद व्यक्त किया और भविष्य में संयम बरतने का वचन दिया। आवेदिका ने आगे कार्यवाही से इनकार किया, जिसके बाद यह प्रकरण भी नस्तीबद्ध किया गया।

भरण-पोषण एवं सुलह के प्रकरण

भरण-पोषण से संबंधित एक मामले में आवेदिका ने शिकायत की कि अनावेदक पिछले एक वर्ष से न तो खर्च दे रहे हैं, न ही किसी सुलह का प्रयास कर रहे हैं। इस पर आयोग ने सखी केंद्र में 15 दिनों के भीतर सुलह के लिए अंतिम अवसर देने का आदेश दिया।

यदि अनावेदक सुलह वार्ता में उपस्थित नहीं होते हैं, तो आवेदिका को दहेज प्रताड़ना के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की अनुमति दी गई है। आयोग ने सखी प्रशासिका को 15 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

शिक्षण संस्थान से जुड़ा विवाद

एक अन्य प्रकरण में शिक्षण संस्थान के विवाद पर सुनवाई करते हुए आयोग ने बताया कि अब स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति हो चुकी है, अतः यह मामला संस्थान स्तर पर ही निपटाया जा सकता है। आयोग ने दोनों पक्षों को निर्देशित किया कि वे अपनी शिकायतें नवपदस्थ प्राचार्य के समक्ष प्रस्तुत करें।

महाराष्ट्र से जुड़े प्रकरण में जांच आदेश

एक मामले में अनावेदक महाराष्ट्र राज्य के भंडारा जिले के तिरोड़ा थाना क्षेत्र का निवासी है। आयोग ने निर्देश दिया कि सखी प्रशासिका जिला भंडारा के सखी केंद्र से संपर्क कर दो माह में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

महिला थाना में दर्ज मामले में संपत्ति वापसी का निर्देश

एक अन्य प्रकरण में महिला थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया कि तय की गई तिथि पर अनावेदकगण आवेदिका की शादी में दी गई सामग्री लौटाएं और एक माह के भीतर रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करें।

धोखाधड़ी के मामले में न्यायालय जाने की सलाह

धोखाधड़ी के एक मामले में आयोग ने आवेदिका को समझाइश दी कि वह आरोपी के विरुद्ध अपराधिक परिवाद पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करें और राशि वसूली हेतु दीवानी वाद दायर करे।

सुनवाई के समापन पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा —

“महिला आयोग का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि महिलाओं को न्याय दिलाने के साथ-साथ सामाजिक और कानूनी स्तर पर स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। आयोग हर पीड़ित महिला के साथ है।” 

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