संविधान दिवस पर छत्तीसगढ़ स्वराज सेना ने कलेक्टर को सौंपा पाँच सूत्रीय माँग पत्र
दुलाल मुखर्जी POWER NEWS 24 BHARAT
बिलासपुर छत्तीसगढ़| संविधान दिवस और छत्तीसगढ़ स्वराज सेना के स्थापना दिवस के अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्टर बिलासपुर को पाँच सूत्रीय माँग पत्र सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश में सामाजिक न्याय, श्रमिक हित एवं स्थानीय युवाओं के अवसरों को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
माँग पत्र में पहली और प्रमुख माँग मछुआरा समाज के एसटी आरक्षण को छत्तीसगढ़ में पुनः बहाल करने की है। संगठन ने कहा कि संवैधानिक अधिकार के तहत मिला यह आरक्षण तुरंत लागू किया जाना चाहिए, ताकि समाज को न्याय मिल सके।
दूसरी माँग प्रदेश के ताल एवं तालाब समितियों में मछुवारा समाज की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर की गई है, जिससे समुदाय की आजीविका को स्थायित्व मिल सके।
तीसरी माँग निजी कंपनियों में छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं की न्यूनतम तय प्रतिशत भागीदारी अनिवार्य करने से संबंधित है, ताकि राज्य के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
चौथी माँग प्रदेश में नए श्रम कानून लागू करने की है, जिससे श्रमिकों को अधिक सुरक्षा, लाभ और संरक्षा मिल सके।
अंतिम माँग के अंतर्गत बेरोजगार शिक्षित युवाओं को राज्य और केंद्र की आर्थिक योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए जिला मुख्यालयों में सिंगल विंडो सिस्टम स्थापित करने की मांग रखी गई है।
संजय सिंह राजपूत, छत्तीसगढ़ स्वराज सेना
इंद्राणी निषाद छत्तीसगढ़ स्वराज सेना
“आज संविधान दिवस के अवसर पर हमने कलेक्टर महोदय को पाँच सूत्रीय माँग पत्र सौंपा है। हमारा उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक न्याय और समान अवसर पहुँचाना है। मछुआरा समाज के आरक्षण से लेकर श्रमिक सुरक्षा और स्थानीय युवाओं के रोजगार तक—हमारी सभी माँगें जनहित से जुड़ी हैं। हमें उम्मीद है कि सरकार इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लेगी।”




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