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पोर्न वीडियो देखने का डर दिखाकर ठगते थे लाखों, फर्जी साइबर पुलिस बन ठगों का नया पैंतरा – उत्तर प्रदेश में तीन शातिर गिरफ्तार

पोर्न वीडियो देखने का डर दिखाकर ठगते थे लाखों, फर्जी साइबर पुलिस बन ठगों का नया पैंतरा – उत्तर प्रदेश में तीन शातिर गिरफ्तार

दुलाल मुखर्जी| POWER NEWS 24 BHARAT 

अगर आप अपने मोबाइल फोन पर पोर्न वीडियोज देखते हैं तो सावधान हो जाइए, क्योंकि यही शौक आपको सीधे ठगी के जाल में फंसा सकता है। देशभर में एक नया साइबर फ्रॉड सामने आया है, जिसमें ठग फर्जी साइबर पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करते हैं और उन्हें डराते हैं कि उन्होंने पोर्न साइट देखी है, इसलिए अब पुलिस उनके घर आ रही है और उन्हें जेल जाना होगा। डर और शर्म के माहौल में लोग खुद अपने बैंक खातों से इन ठगों को पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।

साइबर क्राइम सेल ने पकड़े तीन शातिर आरोपी

उत्तर प्रदेश पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने इस गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह फतेहपुर जिले के एक गांव से संचालित हो रहा था, जहां से तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह पूरा गैंग देशभर के अलग-अलग राज्यों में लोगों को कॉल कर उनसे पैसे ठगता था। पुलिस को जब इनकी करतूतों का पता चला तो टीम ने लगातार कई दिनों तक तकनीकी निगरानी कर ठगों को ट्रैक किया। काफी मशक्कत के बाद तीन आरोपियों को धर दबोचा गया। अब इनसे पूछताछ कर गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश की जा रही है।

ठगी का तरीका – पहले डराते, फिर ‘बचाने’ के नाम पर पैसे ऐंठते

जांच में सामने आया कि ये ठग खुद को साइबर क्राइम अधिकारी या पुलिस इंस्पेक्टर बताकर फोन करते थे।

कॉल रिसीव होते ही वे सामने वाले व्यक्ति पर आरोप लगाते कि उसने पोर्न वीडियो देखे हैं और अब उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

वे कहते —

>“आपकी वजह से समाज में गलत प्रभाव पड़ रहा है। देश में रेप बढ़ रहे हैं, इसलिए पोर्न साइट्स बंद की गई हैं।

अब पुलिस आपकी लोकेशन ट्रेस कर रही है। आपको जेल जाना होगा।”

जब व्यक्ति डर जाता, तो ठग आगे कहते —

“अगर आप कसम खाते हैं कि आगे से ऐसा नहीं करेंगे, तो हम आपको बचा सकते हैं। लेकिन इसके लिए कुछ प्रोसेस चार्ज लगेगा।”

इसी बहाने ठग लोगों से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन या यूपीआई नंबर पर पैसे मंगवाते थे।

डर और शर्म का फायदा उठाते थे ठग, यह ठगी इसलिए सफल हो रही थी क्योंकि विषय बेहद निजी और सामाजिक रूप से संवेदनशील था। लोग डर और शर्म की वजह से खुलकर विरोध या शिकायत नहीं कर पाते थे।

कई पीड़ितों ने पुलिस से कहा कि उन्होंने डर के कारण पैसे भेज दिए क्योंकि उन्हें लगा “करियर और इज्जत दोनों खत्म हो जाएगी।”

एक ही गांव में 20-30 लड़के कर रहे साइबर ठगी

पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में हैरान करने वाला खुलासा किया।

उन्होंने बताया कि उनके गांव में 20 से 30 युवक इसी ठगी के धंधे में शामिल हैं।

सभी लड़के बेरोजगार हैं और इंटरनेट कॉलिंग ऐप्स के जरिए देशभर में लोगों को फोन लगाते हैं।

एक आरोपी ने कहा —

“लोग इतने डरपोक हैं कि जब हम कहते हैं ‘हम पुलिस से बोल रहे हैं’, तो बिना कुछ जांचे-परखे पैसे दे देते हैं।”

पुलिस के अनुसार, गिरोह पिछले 3 से 4 महीने से इस काम में सक्रिय था और अब तक सैकड़ों लोगों को झांसे में ले चुका है।

ठग ऐसे करते थे यकीन

आरोपी कॉल पर लोगों को एक फर्जी सरकारी नंबर देते थे और कहते थे कि यह “साइबर सेल का वेरिफाइड नंबर” है।

वे पीड़ितों से कहते कि “इसी नंबर पर जुर्माने की राशि जमा करें ताकि मामला दबाया जा सके।”

इस तरीके से उन्होंने हजारों रुपए की ठगी की और हर बार नए मोबाइल नंबर व ऑनलाइन वॉलेट का इस्तेमाल किया।

पुलिस की चेतावनी: ऐसे कॉल आएं तो तुरंत रिपोर्ट करें

साइबर क्राइम विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है कि

किसी अज्ञात व्यक्ति से आए कॉल या व्हाट्सएप मैसेज पर विश्वास न करें।

कोई भी सरकारी अधिकारी फोन पर पैसे नहीं मांगता।

किसी भी कॉल में “पोर्न वीडियो देखने” या “कानूनी कार्रवाई” का डर दिखाया जाए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें।

पुलिस ने कहा कि यह ठगी लोगों की निजी भावनाओं का फायदा उठाकर की जा रही है, इसलिए समाज को जागरूक रहना बेहद जरूरी है। यह मामला बताता है कि ठग अब लोगों की शर्म और डर को हथियार बना रहे हैं। थोड़ी सी समझदारी और जागरूकता न सिर्फ आपके पैसे बल्कि आपकी प्रतिष्ठा को भी सुरक्षित रख सकती है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के और सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जाएगा।

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