सावधान: WhatsApp यूज़र्स — QR कोड स्कैन करके अपना अकाउंट मत खोइए, I4C ने दी चेतावनी
दुलाल मुखर्जी POWER NEWS 🗞️ 24 BHARAT
नई दिल्ली (स्टाफ रिर्पोट) — गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने WhatsApp यूज़र्स को एक गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी के मुताबिक साइबर ठग अब QR कोड के माध्यम से लोगों के WhatsApp अकाउंट पर कब्जा कर रहे हैं और इन अकाउंट्स का उपयोग बड़े पैमाने पर फ्रॉड चलाने के लिए किया जा रहा है।
साइबर ठग मास्केटिंग (masking) और बढ़ा-चढ़ाकर कमाई का लालच दिखाकर यूज़र्स को फेक QR कोड स्कैन करने के लिए प्रेरित करते हैं — जो दरअसल WhatsApp Web का लॉगिन QR होता है। जैसे ही कोई यूज़र वह QR स्कैन करता है, ठग उसके WhatsApp सत्र (session) का एक्सेस हासिल कर लेते हैं और उसके अकाउंट को “म्यूल WhatsApp अकाउंट” की तरह इस्तेमाल करने लगते हैं।
स्कैम कैसे चलता है
ठग सोशल मीडिया पर फेक प्रोफ़ाइल और पोस्ट बनाते हैं जो “सीधे पैसे कमाइए”, “सिंपल टास्क के बदले बड़ा रिवार्ड” जैसी झांसा-भरी घोषणाएं करती हैं।
पोस्ट के साथ QR कोड या WhatsApp लिंक दिया जाता है; यूज़र से कहा जाता है कि QR स्कैन करें या लिंक खोलें।
QR स्कैन होते ही अपराधी उस व्यक्ति के WhatsApp अकाउंट का रीमोट एक्सेस ले लेते हैं।
एक्सेस मिलने पर अकाउंट से फर्जी लिंक, मांग-निवेदन या पैसे की रिक्वेस्ट भेजी जाती है; साथ ही वही अकाउंट नए शिकार बनाने में प्रयोग होता है।
कुछ मामलों में खतरनाक APK फाइल्स भी भेजकर और ज़्यादा नुकसान पहुँचाया जाता है।
खतरे का दायरा
I4C ने बताया है कि ये ‘म्यूल अकाउंट’ फिशिंग, भुगतान धोखाधड़ी और नए म्यूल्स (रिक鲁टरों) की भर्ती में उपयोग होते हैं। एक बार अकाउंट हैंक होने पर अपराधी न केवल आपके कॉन्टैक्ट्स को निशाना बना सकते हैं, बल्कि आपके परिवार और दोस्तों से भी पैसों की मांग कर सकते हैं — कभी-कभी OTP/बैंक से जुड़े संवेदनशील डिटेल्स भी मांगे जाते हैं।
I4C की एडवाइज़री — बचाव के सरल उपाय
I4C ने यूज़र्स से कहा है कि वे निम्न सावधानियाँ अपनाएँ:
1. कभी भी अंजान QR स्कैन न करें। — कोई भी ऐसा QR या लिंक जो बड़ी कमाई या आसान टास्क का वादा करे, संदिग्ध समझें।
2. WhatsApp पर ‘Linked Devices’ (लिंक किए गए डिवाइस) चेक करें। — WhatsApp > Settings > Linked Devices में जाकर सभी सक्रिय सेशन्स देखें; किसी अनजान या संदिग्ध लॉगिन को तुरंत लॉग आउट कर दें।
3. किसी को भी OTP या कोड शेयर न करें। — WhatsApp या बैंक OTP किसी को न दें।
4. किसी स्कीम के लिए अपना अकाउंट “किराये पर” न दें। — पैसे के बदले अपना अकाउंट किसी को लिंक/किराये पर देने की बात आने पर इंकार करें।
5. फेक प्रोफाइल और प्रमोशन्स पर भरोसा न करें। — सेलिब्रिटी फोटो या चमकदार दावों वाले प्रोफाइल अक्सर नकली होते हैं।
6. संदिग्ध APK/फाइल न खोलें। — अनऑफिशियल ऐप इंस्टॉल न करें; केवल आधिकारिक ऐप स्टोर का प्रयोग करें।
7. संदिग्ध संदेश मिलने पर संबंधित व्यक्ति को कॉल कर पुष्टि करें। — अगर किसी दोस्त/रिश्तेदार ने पैसे मांगे हैं तो पहले फोन पर पुष्टि कर लें।
क्या करें अगर गलती से QR स्कैन कर दिया?
तुरंत WhatsApp > Settings > Linked Devices पर जाएँ और सभी अनजान डिवाइस को लॉग आउट कर दें।
WhatsApp के “Request account info” और सिक्योरिटी सेटिंग्स की जाँच करें; दो-स्टेप वेरिफिकेशन (PIN) चालू कर लें।
अपने बैंक और संबंधित संस्थाओं को सूचित करें और यदि पैसों का नुकसान हुआ हो तो अपने बैंक को तुरंत रिपोर्ट करें।
नज़दीकी साइबर पुलिस स्टेशन या I4C को रिपोर्ट करें।
I4C ने स्पष्ट किया है कि कोई भी वैध सेवा किसी से भी ऐसा QR स्कैन करवा कर आपके WhatsApp का एक्सेस मांगकर आपको अमान्य नहीं बना सकती — इसलिए सजग रहें और अनजान QR, लिंक और “तेज़ कमाई” के वादों से दूर रहें।



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