दैहिक शोषण प्रकरण में नया मोड़: आरोप–प्रत्यारोप के बीच जांच के केंद्र में सच, महिला पर धोखाधड़ी और ब्लैकमेल के आरोप
बिलासपुर के साईं नगर उस्लापुर क्षेत्र का मामला, दोनों पक्षों के दावों से बढ़ी जटिलता
बिलासपुर (POWER NEWS 24 BHARAT)। 🔴🟡🟢
बिलासपुर छत्तीसगढ़ । साईं नगर उस्लापुर अमेरी क्षेत्र में दर्ज दैहिक शोषण के चर्चित प्रकरण ने अब नया और अप्रत्याशित मोड़ ले लिया है। पार्षद पति रिंकू उर्फ राजेंद्र टंडन के खिलाफ दर्ज मामले में जहां एक ओर महिला द्वारा लगाए गए आरोपों ने गंभीर कानूनी बहस छेड़ दी है, वहीं दूसरी ओर आरोपी पक्ष के परिजनों ने पलटवार करते हुए महिला पर धोखाधड़ी, ब्लैकमेल और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। इन परस्पर विरोधी दावों के बीच पुलिस जांच अब मामले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही है।
एसएसपी को सौंपा गया ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग
टंडन परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि आरोपी और शिकायतकर्ता महिला के बीच लंबे समय से परिचय था और उनके अनुसार दोनों के बीच कथित तौर पर सहमति से संबंध रहे। परिजनों का दावा है कि बाद में विवाद बढ़ने पर पैसों की मांग की गई और रकम नहीं मिलने पर गंभीर धाराओं में शिकायत दर्ज कराई गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है।
“साक्ष्य” का दावा, पुलिस कर रही परीक्षण
परिजनों का कहना है कि उन्होंने पुलिस को कई दस्तावेज और डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराई है, जिनमें दोनों पक्षों की तस्वीरें, ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और व्हाट्सएप चैटिंग के स्क्रीनशॉट शामिल बताए जा रहे हैं। परिवार का दावा है कि ये सामग्री मामले की पृष्ठभूमि को स्पष्ट करेगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्राप्त साक्ष्यों का तकनीकी और कानूनी परीक्षण किया जा रहा है, ताकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच हो सके।
पुलिस का रुख: जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा है कि प्रारंभिक जांच में दोनों परिवारों के बीच पूर्व परिचय की बात सामने आई है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही विधि अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस का कहना है कि किसी भी पक्ष के दावों को अंतिम सत्य मानने से पहले तथ्यों और साक्ष्यों की पुष्टि जरूरी है।
सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
मामले ने शहर में हलचल पैदा कर दी है। महिला के गंभीर आरोपों और आरोपी पक्ष द्वारा लगाए गए पलट आरोपों ने इसे केवल आपराधिक नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी संवेदनशील बना दिया है। स्थानीय स्तर पर चर्चा का केंद्र अब यही है कि जांच के दौरान कौन-से तथ्य सामने आते हैं और क्या मामला अदालत में नया मोड़ लेगा।
सच की प्रतीक्षा में शहर
फिलहाल यह मामला आरोप और प्रत्यारोप के बीच खड़ा है। एक ओर शिकायतकर्ता महिला न्याय की मांग पर अडिग है, वहीं आरोपी पक्ष खुद को षड्यंत्र का शिकार बता रहा है। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच ही इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद सामने आने वाले तथ्य किस ओर इशारा करते हैं और कानून की अगली चाल क्या होगी।



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