बिलासपुर के श्रीराम केयर हॉस्पिटल में आरक्षक की मौत पर बवाल इलाज में लापरवाही या हार्ट अटैक? ऑपरेशन हुआ सफल… फिर कैसे गई जान? बड़ा सवाल
POWER NEWS 24 BHARAT 🔴 🟡 🟢 🔵 🟣 🟤
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पथरी के ऑपरेशन के बाद एक आरक्षक की मौत हो गई, जिससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम एरमशाही निवासी 36 वर्षीय सत्यकुमार पाटले, जो सरकंडा थाने में आरक्षक के पद पर पदस्थ थे, 26 अप्रैल को पेट में तेज दर्द होने पर नेहरू नगर स्थित श्रीराम केयर अस्पताल पहुंचे थे। जांच में पथरी की पुष्टि होने के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी और 40 हजार रुपये के पैकेज में 28 अप्रैल को उन्हें भर्ती कर 29 अप्रैल को ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत सामान्य बताते हुए खतरे से बाहर बताया था और मरीज भी बातचीत कर रहा था।
परिजनों के अनुसार, अगले दिन अचानक उन्हें खांसी की शिकायत हुई, जिसकी जानकारी अस्पताल स्टाफ को दी गई, लेकिन आरोप है कि चार से पांच घंटे तक कोई उचित इलाज नहीं किया गया, जिससे उनकी हालत बिगड़ती चली गई। बाद में उन्हें वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। इस दौरान डॉक्टरों ने परिजनों को किडनी में इंफेक्शन होने की जानकारी दी और डायलिसिस के बाद सुधार होने की बात कही, लेकिन शनिवार दोपहर अचानक उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया तथा अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की।
स्थिति बिगड़ने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और टीआई एसआर साहू के साथ वरिष्ठ अधिकारी एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल और एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह भी पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ऑपरेशन सफल रहा था और मरीज की हालत सामान्य थी, लेकिन अचानक हार्ट अटैक आने से उसकी मौत हुई है तथा इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



Post a Comment
0 Comments