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संस्कृत से संस्कृति मानव कल्याण के मार्ग प्रशस्त होते हैं डॉ मिश्र ने कहा

संस्कृत से संस्कृति मानव कल्याण के मार्ग प्रशस्त होते हैं डॉ मिश्र ने कहा

शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फास्टरपुर में संस्कृत सप्ताह का भव्य समापन


फास्टरपुर: दिनांक 31 अगस्त 2026

शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फास्टरपुर, जिला मुंगेली, छत्तीसगढ़ में दिनांक 25 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक आयोजित संस्कृत सप्ताह का समापन समारोह उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।

समापन समारोह में विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री पी. के. घिर्रे जी के द्वारा माँ सरस्वती प्रतिमा की पूजा अर्चना करते हुए कहा छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “संस्कृत से ही संस्कार और संस्कृति दोनों मिलते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा के महत्व को समझने तथा भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर विद्यालय के समस्त स्टाफ श्री नरेंद्र काठले, नीलिमा किरण मिंज, ऐश्वर्या यादव, दयावती सहारे, सुखचंद पाटले, देवेंद्र पटेल, धन सिंह, पुनेश्वर अनंत भूपेन्द्र कुर्रे, परसराम वर्मन,एवं दीपक गुप्ता ने छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए संस्कृत भाषा के प्रति रुचि एवं जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. रामबाबू मिश्र, व्याख्याता संस्कृत ने अपने उद्बोधन में कहा कि “संस्कृत भाषा हमारी संस्कृति और संस्कारों को मजबूत बनाकर मानव कल्याण की दिशा में मार्गदर्शन करती है।” उन्होंने संस्कृत को भारतीय ज्ञान, परंपरा और संस्कारों की महत्वपूर्ण भाषा बताते हुए विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन के लिए प्रेरित किया।

संस्कृत सप्ताह के समापन अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा श्लोगन एवं नारों के माध्यम से जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली में सभी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार और उसके महत्व से संबंधित नारे लगाए।

इस प्रकार संस्कृत सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने का सार्थक प्रयास किया गया।



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