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हत्या के मामले में बेटे को झूठा फंसाने का आरोप, मां ने कलेक्टर-एसएसपी से लगाई गुहार

हत्या के मामले में बेटे को झूठा फंसाने का आरोप, मां ने कलेक्टर-एसएसपी से लगाई गुहार


सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे SSP कार्यालय, निष्पक्ष जांच की मांग

बिलासपुर/सकरी। लोखण्डी में शेख इस्माईल की मौत के बाद सामने आए हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए प्रदुम श्रीवास को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। आरोपी की मां संतोषी श्रीवास ने अपने बेटे को हत्या के मामले में झूठा फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए बिलासपुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी है। वहीं, मामले में बड़ी संख्या में ग्रामीण भी एसएसपी कार्यालय पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की।

घायल को अस्पताल पहुंचाने गया था बेटा—मां

संतोषी श्रीवास के अनुसार उनका पुत्र प्रदुम श्रीवास (29 वर्ष), पिता मालिकराम श्रीवास, निवासी ग्राम लोखण्डी का हत्या की घटना से कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि 7 सितंबर 2026 को ग्राम के सरपंच बलराम पटेल के कहने पर प्रदुम घायल शेख इस्माईल को डायल-112 वाहन के साथ इलाज के लिए सिम्स अस्पताल, बिलासपुर लेकर गया था। परिजनों के मुताबिक घायल को सिम्स में भर्ती कराने के बाद प्रदुम वापस अपने गांव लौट आया था। इसके बाद 11 सितंबर को इलाज के दौरान शेख इस्माईल की मौत हो गई। अस्पताल के रिकॉर्ड में नाम होने के बाद पुलिस ने बनाया आरोपी—परिजनों का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घायल को सिम्स में भर्ती कराने के दौरान प्रदुम का नाम अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज था। इसी आधार पर पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए थाना सकरी बुलाया और बाद में हत्या के मामले में आरोपी बनाकर जेल भेज दिया। संतोषी श्रीवास का कहना है कि उनके बेटे को घटना की जानकारी तक नहीं थी और वह केवल घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने के लिए सरपंच के कहने पर डायल-112 वाहन के साथ गया था।

थाना पहुंचकर जानकारी लेने पर पता चला बेटा जेल भेजा गया

आवेदन के अनुसार जब परिजनों को प्रदुम के संबंध में जानकारी मिली तो संतोषी श्रीवास अन्य लोगों के साथ थाना सकरी पहुंचीं। वहां उन्हें बताया गया कि प्रदुम को हत्या के अपराध में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पुलिस को प्रदुम की भूमिका के संबंध में पूरी जानकारी देने का प्रयास किया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।

सरपंच और डायल-112 चालक के बयान की मांग

संतोषी श्रीवास ने कलेक्टर और एसएसपी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने विशेष रूप से ग्राम सरपंच बलराम पटेल और डायल-112 वाहन के चालक/कर्मचारियों के बयान दर्ज करने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्रदुम घायल को किस परिस्थिति में सिम्स लेकर गया था। परिजनों ने यह भी मांग की है कि हत्या के वास्तविक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और यदि प्रदुम निर्दोष पाया जाता है तो उसे प्रकरण से मुक्त किया जाए।

सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे SSP कार्यालय

मामले को लेकर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एसएसपी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों और परिजनों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद रहीं। परिजनों का कहना है कि जांच में सभी तथ्यों और संबंधित लोगों के बयानों को शामिल किया जाना चाहिए।

SSP रजनेश सिंह बोले—साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी

मामले को लेकर बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि गिरफ्तारी साक्ष्यों के आधार पर की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी आरोपी के दोषी या निर्दोष होने का अंतिम निर्णय पुलिस नहीं बल्कि न्यायालय करेगा। एसएसपी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास घटना से संबंधित कोई महत्वपूर्ण जानकारी है या अन्य आरोपियों से जुड़ी कोई जानकारी है, तो वह पुलिस को उपलब्ध कराए। पुलिस उस जानकारी की जांच करेगी और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अब जांच पर टिकी नजर

एक तरफ पुलिस का कहना है कि प्रदुम श्रीवास की गिरफ्तारी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है, वहीं दूसरी ओर उसकी मां और ग्रामीण उसके निर्दोष होने का दावा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सरपंच, डायल-112 कर्मियों और घटना से जुड़े अन्य लोगों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों की जांच इस मामले में अहम हो सकती है।

फिलहाल प्रदुम श्रीवास के खिलाफ लगे आरोपों की अंतिम सत्यता न्यायालयीन प्रक्रिया में तय होगी। पुलिस जांच और न्यायालय के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी। 

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