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बिलासपुर: वेलकम डिस्टिलरीज प्लांट बंद होने से 750 कर्मचारी संकट में, कलेक्टर से लगाई मदद की गुहार

बिलासपुर: वेलकम डिस्टिलरीज प्लांट बंद होने से 750 कर्मचारी संकट में, कलेक्टर से लगाई मदद की गुहार


बिलासपुर। कोटा क्षेत्र के छेरकाबांधा स्थित मेसर्स वेलकम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड में पिछले 3-4 माह से उत्पादन बंद होने के बाद कर्मचारियों और श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। इस संबंध में वेलकम मजदूर एसोसिएशन ने 11 सितंबर 2026 को बिलासपुर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की है।

ज्ञापन में कर्मचारियों ने बताया कि प्लांट बंद होने के बाद कंपनी प्रबंधन द्वारा अब तक कर्मचारियों को वेतन दिया जाता रहा, लेकिन कंपनी की आर्थिक स्थिति खराब होने का हवाला देते हुए अब उत्पादन शुरू होने तक वेतन देने में असमर्थता जताई जा रही है। कर्मचारियों के अनुसार कंपनी के सीईओ के साथ इस मुद्दे पर 2-3 बार बैठक भी हो चुकी है।

स्प्रिट की आपूर्ति में परेशानी का दावा

श्रमिकों के मुताबिक कंपनी में स्प्रिट के उत्पादन पर प्रदूषण विभाग द्वारा रोक लगाए जाने के बाद बाहर की कंपनियों से स्प्रिट मंगाकर बॉटलिंग का काम जारी रखा गया था। लेकिन अब आवश्यक मात्रा में स्प्रिट समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके चलते बॉटलिंग का काम भी बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है।

कर्मचारियों का कहना है कि यदि बॉटलिंग समेत कंपनी का पूरा उत्पादन बंद हो जाता है, तो उनके सामने रोजगार का गंभीर संकट पैदा हो जाएगा।

750 कर्मचारियों के साथ हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होने का दावा

ज्ञापन के अनुसार कंपनी के प्लांट विभाग में करीब 200, बॉटलिंग विभाग में करीब 450 तथा वेयरहाउस और अन्य विभागों में करीब 100 कर्मचारी/श्रमिक कार्यरत हैं। इस तरह लगभग 750 कर्मचारी और श्रमिक सीधे तौर पर कंपनी से जुड़े हुए हैं।

श्रमिकों ने कहा कि प्रत्येक परिवार में औसतन 4 से 6 सदस्य होने के आधार पर करीब 3,000 से 4,500 लोगों की आजीविका इस रोजगार पर निर्भर है। ऐसे में कंपनी पूरी तरह बंद होने पर हजारों लोगों के सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो सकता है।

कलेक्टर से समाधान निकालने की मांग

वेलकम मजदूर एसोसिएशन के अध्यक्ष देवलाल यादव ने कलेक्टर से हस्तक्षेप करते हुए ऐसा समाधान निकालने की मांग की है, जिससे कर्मचारियों की रोजी-रोटी चलती रहे और कंपनी बंद होने की स्थिति में श्रमिकों को बेरोजगारी का सामना न करना पड़े।

ज्ञापन के अंत में कर्मचारियों ने अपनी समस्या को गंभीर बताते हुए जिला प्रशासन से शीघ्र सहायता और समाधान की अपील की है। ज्ञापन के साथ समस्त कर्मचारी एवं श्रमिकों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए हैं। 

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