असली जेवर की जगह नकली जेवर रखकर होती रही चोरी घर के भीतर ही चलता रहा जेवर बदलने का खेल, पुलिस की निष्पक्ष जांच जारी फिर भी पुलिस पर लगा गंभीर आरोप.....
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बिलासपुर (सकरी)। सकरी क्षेत्र के आसमा सिटी निवासी व्यवसायी सतीश मिश्रा द्वारा घर में सोने की चोरी और एटीएम से रकम निकासी के मामले को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता के बाद पूरे मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में यह प्रकरण बाहरी चोरी न होकर पारिवारिक स्तर का निकला है, वहीं पुलिस ने निष्पक्ष जांच जारी रखने की बात कही है। प्रार्थी सतीश मिश्रा ने प्रेस वार्ता में बताया था कि अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच उनके घर में लगातार चोरी की घटनाएं हुईं, जिसमें असली सोने के जेवरों की जगह नकली जेवर रख दिए गए। इसके साथ ही फरवरी से मार्च 2026 के बीच उनके खाते से एटीएम के माध्यम से कई बार पैसे निकाले गए। उन्होंने 19 फरवरी और 26 मार्च 2026 को थाना सकरी में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस के अनुसार, 25 फरवरी 2026 को मिले आवेदन के बाद मामले की तत्काल जांच शुरू की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि प्रार्थी के पुत्र प्रणव मिश्रा ने ही घर में रखे सोने के जेवरात निकाले थे और उन्हें अपने शौक तथा दोस्तों से लिए उधार चुकाने के लिए गिरवी रख दिया था। पुलिस ने बताया कि कुछ जेवर बरामद कर लिए गए थे, जिन्हें आपसी सहमति से संबंधित व्यक्ति से वापस प्राप्त कर लिया गया। वहीं कुछ जेवर एक बंगाली व्यापारी को दिए गए थे, जिसे लेकर भी दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो चुका है और इसका लिखित आवेदन थाने में प्रस्तुत किया गया था। घटना के कुछ दिनों बाद प्रार्थी के पुत्र द्वारा अपनी माता के एटीएम कार्ड से लगभग 1 लाख 85 हजार रुपये निकाले जाने की बात भी जांच में सामने आई, जिसे उसने अपने निजी खर्च और उधारी चुकाने में उपयोग किया। पुलिस के मुताबिक इस संबंध में भी परिवार को पहले से जानकारी थी और इसको लेकर आपसी विवाद भी हुआ था, जिसका आवेदन थाने में दिया गया था, लेकिन दोनों पक्ष आगे कार्रवाई नहीं चाहते थे।
पुलिस ने बताया कि प्रार्थी द्वारा बाद में दोनों घटनाओं को जोड़कर एक आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान प्रार्थी को कई बार फोन और लिखित नोटिस के माध्यम से बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए प्रार्थी का सहयोग आवश्यक है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच की जा रही है तथा किसी भी प्रकार के दबाव से प्रभावित हुए बिना उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही प्रार्थी से जांच में सहयोग करने की अपील की गई है, ताकि मामले का शीघ्र और न्यायपूर्ण निराकरण हो
थाना प्रभारी विजय चौधरी से इस विषय पर बात करने पर.....थाना सकरी प्रभारी ने बताया कि प्रार्थी सतीश मिश्रा द्वारा 25 फरवरी 2026 को थाना सकरी में आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसमें घर की अलमारी में रखे सोने के जेवरों की जगह नकली जेवर मिलने की शिकायत की गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की गई। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि प्रार्थी के पुत्र प्रणव मिश्रा द्वारा ही घर में रखे जेवर निकाले गए थे, जिन्हें उसने अपने निजी खर्च और दोस्तों से लिए गए उधार चुकाने के लिए गिरवी रख दिया था।उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कुछ जेवर बरामद कर लिए गए, जिन्हें आपसी सहमति से वापस प्राप्त किया गया। वहीं अन्य जेवरों के संबंध में भी संबंधित पक्षों के बीच समझौता होने की जानकारी सामने आई, जिसका लिखित आवेदन थाने में प्रस्तुत किया गया है।थाना प्रभारी के अनुसार, इसके बाद प्रार्थी के पुत्र द्वारा अपनी माता के एटीएम कार्ड से लगभग 1 लाख 85 हजार रुपये भी निकाले गए, जिसे उसने अपने निजी उपयोग में खर्च किया। इस संबंध में भी परिवार को पूर्व से जानकारी थी और इसको लेकर आपसी विवाद की स्थिति बनी थी।उन्होंने आगे बताया कि प्रार्थी द्वारा दोनों घटनाओं को जोड़कर पुनः आवेदन दिया गया है, जिसकी जांच जारी है। प्रार्थी को कई बार फोन एवं लिखित नोटिस के माध्यम से बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए हैं।थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही उन्होंने प्रार्थी से जांच में सहयोग करने की अपील की है, ताकि मामले का शीघ्र निराकरण किया जा सके।





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