किसानों को निर्धारित दर पर मिले खाद-बीज: विधायक श्री मोहले
पारदर्शिता और समन्वय के साथ होगा खाद-बीज वितरण: कलेक्टर
जिले में खाद-बीज की सुचारू उपलब्धता और वितरण के संबंध में समन्वय बैठक आयोजित
मुंगेली, 20 मई 2026
जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में खरीफ वर्ष 2026 हेतु खाद एवं बीज की सुचारू वितरण व्यवस्था को लेकर समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान बैठक में विधायक पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, कलेक्टर कुन्दन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, अतिरिक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, अपर कलेक्टर जी.एल.यादव, तीनों अनुविभागों के एसडीएम, जनपद पंचायत अध्यक्ष मुंगेली श्री रामकमल सिंह परिहार, कृषि विभाग के उपसंचालक वीणा ठाकुर, सहायक संचालक कृषि ललिता मरावी, अनुविभागीय कृषि अधिकारी सुभाष सोनी, जिला उर्वरक निरीक्षक मनहरण कुर्रे, जिला किसान संघ अध्यक्ष, कृषि स्थायी समिति के सभापति, प्रगतिशील किसान तथा थोक उर्वरक विक्रेता उपस्थित थे।
विधायक पुन्नू लाल मोहले ने कहा कि खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। कृषकों के ऋण पुस्तिका में वितरित खाद का अनिवार्य रूप से अंकन किया जाए, जिससे एक ही किसान द्वारा अलग-अलग स्थानों से उठाव न हो। उन्होंने कहा कि किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड की जानकारी दें तथा मृदा परीक्षण के आधार पर खरीफ सीजन में आवश्यक खाद उपयोग के संबंध में जागरूक करें। सभी समितियों एवं दुकानों में खाद की रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से चस्पा किया जाए तथा निर्धारित दर पर ही खाद वितरण सुनिश्चित हो। जिले के सभी किसानों को डिजिटल ऋण पुस्तिका शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। संयुक्त खातेदार किसानों को उनके हिस्से के अनुपात में खाद वितरण किया जाए, ताकि किसी भी किसान को परेशानी का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर ने कहा कि मुंगेली कृषि प्रधान जिला है, इसलिए खरीफ सीजन में खाद-बीज वितरण की व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। सभी कृषकों को सहकारी एवं निजी क्षेत्र के माध्यम से पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से खाद उपलब्ध कराया जाएगा और किसानों को किसी भी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। बड़े किसान अपने धारित रकबे के अनुसार खाद उठाव करें, ताकि सभी किसानों को समय पर खाद मिल सके, यूरिया का उपयोग केवल कृषि कार्यों में ही करें। उन्होने बताया कि खाद वितरण से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को नामांतरण, सीमांकन एवं विवादित-अविवादित बंटवारे के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए, ताकि किसान समय पर एग्रीस्टैक में पंजीयन कर खाद प्राप्त कर सकें। खाद वितरण में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खरीफ 2026 के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देश
बैठक में उर्वरक वितरण के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए। बताया गया कि खरीफ 2025 में किसानों को वितरित यूरिया की 80 प्रतिशत मात्रा तथा डीएपी की 60 प्रतिशत मात्रा ही खरीफ 2026 में वितरित की जाएगी। यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा पारंपरिक यूरिया उपलब्ध होने पर दी जाएगी, अन्यथा नैनो यूरिया के रूप में वितरण किया जाएगा। इसी प्रकार डीएपी की शेष 40 प्रतिशत मात्रा वैकल्पिक एनपीके उर्वरक अथवा नैनो डीएपी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
जिले में 1.29 लाख हेक्टेयर में होगी खरीफ फसल
बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ वर्ष 2026 के लिए जिले में कुल 1 लाख 29 हजार 491 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती प्रस्तावित है। इसमें धान का रकबा 1 लाख 21 हजार 550 हेक्टेयर तथा अन्य फसलों का रकबा 7 हजार 941 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। जिले में कुल 1 लाख 16 हजार 972 कृषक हैं। सेवा सहकारी समितियों से किसान क्रेडिट कार्ड धारक ऋणी कृषकों की संख्या 38 हजार 185 है, जबकि अन्य बैंकों से प्रस्तावित किसान क्रेडिट कार्ड धारकों की संख्या 78 हजार 787 है। इनमें 64 हजार 335 सीमांत कृषक, 40 हजार 940 लघु कृषक एवं 11 हजार 697 बड़े कृषक शामिल हैं।
संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर, कालाबाजारी रोकने संयुक्त टीम गठित
बैठक में वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन प्रणाली पर विशेष जोर दिया गया। इसके अंतर्गत रासायनिक उर्वरकों के साथ जैव उर्वरक, जैविक खाद, हरी खाद एवं नील हरित काई जैसे वैकल्पिक उपायों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही गई। जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशन में जिला एवं विकासखंड स्तर पर निगरानी दल बनाए गए हैं, जो शिकायत मिलने पर औचक निरीक्षण कर कार्रवाई करेंगे। कृषि विभाग द्वारा जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है।
सीमांत, लघु और बड़े किसानों के लिए अलग व्यवस्था
बैठक में बताया गया कि 2.5 एकड़ तक भूमि वाले सीमांत किसानों को निर्धारित मात्रा एकमुश्त प्रदान की जाएगी। 2.5 से 5 एकड़ तक भूमि वाले लघु किसानों को यूरिया दो किश्तों में दिया जाएगा, जिसमें दूसरी किश्त पहली किश्त के 20 दिन बाद मिलेगी। 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले बड़े किसानों को यूरिया तीन किश्तों में वितरित किया जाएगा। दूसरी किश्त पहली किश्त के 20 दिन बाद तथा तीसरी किश्त दूसरी किश्त के 20 दिन बाद प्रदान की जाएगी।


Post a Comment
0 Comments