जिंदा लोगों का मृत्युभोज! समाज से बहिष्कार कर 8 दंपत्तियों को दी अंतरजातीय विवाह की सजा, हुक्का-पानी बंद, सामाजिक कार्यक्रमों में रोक… मानसिक प्रताड़ना से परेशान पीड़ित पहुंचे कलेक्टर और थाने
POWER NEWS 24 BHARAT 🔴 🟡 🟢 🔵 🟣 🟤
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से सामाजिक कुरीतियों और अमानवीय मानसिकता का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां अंतरजातीय प्रेम विवाह करने वाले 8 दंपत्तियों को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। इतना ही नहीं, समाज के कथित ठेकेदारों ने इन नवविवाहित जोड़ों का जिंदा रहते हुए प्रतीकात्मक “मृत्युभोज” (तीज-नहावन) तक करा दिया। इस घटना से पीड़ित परिवार गहरे मानसिक तनाव और सामाजिक प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं।
पीड़ित युवकों ने बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय और सिविल लाइन थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में उन्होंने आरोप लगाया है कि अंतरजातीय विवाह करने के बाद समाज के कुछ प्रभावशाली पदाधिकारियों और ठेकेदारों ने उनके परिवारों का हुक्का-पानी बंद कर दिया है। समाज के किसी भी कार्यक्रम, शादी-विवाह, भोज या अन्य सामाजिक आयोजनों में शामिल होने पर रोक लगा दी गई है। पीड़ितों का कहना है कि समाज में दोबारा शामिल करने के नाम पर कई बार बैठकें बुलाई गईं, लेकिन हर बार अपमानित कर उन्हें ठुकरा दिया गया। इतना ही नहीं, समाज में वापसी के लिए भारी-भरकम जुर्माना भी मांगा गया। लगातार मिल रही धमकियों, तानों और सामाजिक बहिष्कार के कारण परिवारों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। पीड़ित युवाओं ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि इस अमानवीय कृत्य में शामिल समाज के पदाधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में भी अंतरजातीय विवाह करने वाले अन्य जोड़ों को इसी तरह की प्रताड़ना झेलनी पड़ेगी। फिलहाल, पुलिस और जिला प्रशासन ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं इस घटना के सामने आने के बाद समाज में एक बार फिर जातिगत भेदभाव और सामाजिक कुरीतियों को लेकर बहस तेज हो गई है।





Post a Comment
0 Comments