Type Here to Get Search Results !

तत्कालीन सीओ एवं एसडीओ के समक्ष आपत्ति जता कर कहा था अलीशा हमारे वंश की नही- निर्मल जायसवाल




गजब का हुआ खेल, बिहार के वोटर कार्ड पर झारखंड में चला रेल

कतरास: 18-07-2025
राजगंज थाना की दारोगा अलीशा कुमारी के पिता भुनेश्वर प्रसाद अग्रवाल ने जिस व्यक्ति से डुमरी के जामताड़ा में जमीन खरीदा था उसी विक्रेता नंदकिशोर भगत को अलीशा ने वंशावली में अपना दादा बनाकर जाति प्रमाणपत्र के लिए दावा प्रस्तुत किया। जबकि अलीशा के दादा का नाम रघुवीर प्रसाद अग्रवाल है जो रजिस्ट्री केवाला सँख्या- 11932, 2015-16 के रसीद एवं अन्य दस्तावेजों में उल्लेखनीय है। 

मेरे पिता नंदकिशोर भगत के वंशावली में भुनेश्वर प्रसाद तथा उनकी पुत्री अलीशा कुमारी नहीं है- निर्मल जायसवाल
                    
मामले को लेकर जमीन विक्रेता नंदकिशोर भगत के पुत्र निर्मल जायसवाल ने बताया कि जब उन्हें जानकारी मिली कि उनके पिताजी का नाम को अलीशा कुमारी ने अपने वंश से जोड़कर वंशावली प्रस्तुत कर जाति प्रमाण पत्र बना लिया है तो उसने अपने कर्तव्य अनुसार तत्कालीन अंचल अधिकारी डुमरी को 10 अप्रैल 2019 को लिखित आपत्ति दर्ज कराया। जिसमें उन्होंने लिखा है कि "अलीशा कुमारी द्वारा आपके कार्यालय में स्थानीय प्रमाण पत्र के लिए स्व घोषित शपथ पत्र संलग्न कर आवेदन दिया है। जिसमें बतलाया गया है की मौजा जामताड़ा, जिला गिरिडीह, खाता संख्या- 9 के ख़ातियानी रैयत नंदकिशोर भगत हैं। नंदकिशोर भगत के वंशावली में भुवनेश्वर प्रसाद का नाम दिखलाते हुए स्वयं आवेदिका अलीशा कुमारी ने अपना नाम दर्शाया है। ज्ञात हो कि मेरे पिता नंदकिशोर भगत के वंशावली में भुनेश्वर प्रसाद तथा उनकी पुत्री अलीशा कुमारी नहीं है"। उन्होंने इसकी एक प्रति तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी डुमरी को भी दिया था।

 अलीशा कुमारी का वोटर कार्ड क्या कहता है 

दरोगा अलीशा कुमारी का वोटर कार्ड भी अलीशा कुमारी को नवादा बिहार का रहने वाला बता रहा है। अलीशा कुमारी का वोटर कार्ड सँख्या/इपीआईसी न०- वाईएचयू 3023355 है। उसका संसदीय निर्वाचन क्षेत्र 39 नवादा तथा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 237 नवादा है। उसके मतदान केंद्र भाग का नाम 297- लिटिल फ्लावर स्कूल देवी स्थान गया रोड पर नवादा पश्चिमी भाग के दक्षिणी भाग है। 
              फर्जीवाड़ा का खुलासा होने के बाद सरकार आगे क्या कदम उठाएगी यह तो सरकार ही जानती है। लेकिन इतना तो तय है कि फर्जीवाड़े के खेले गए इस खेल में अभी और भी खुलासा होना बाकी है।

Post a Comment

0 Comments

Top Post Ad