फर्जी मेडिकल स्टोर्स पर सख्ती, नशे के खिलाफ प्रशासन का बड़ा कदम फर्जी मेडिकल स्टोर होंगे बंद, बिना पर्ची दवा बेचने पर सख्त कार्रवाई
स्कूल-कॉलेज के 500 मीटर दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक
मुंगेली
जिले में नशीले पदार्थों की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कुन्दन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित नार्को को-ऑर्डिनेशन (NCORD) की जिला स्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य और औषधि विभाग की समीक्षा करते हुए मेडिकल स्टोर्स के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने फर्जी मेडिकल स्टोर्स को तत्काल बंद करने और बिना डॉक्टर की पर्ची के दवा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए। साथ ही लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर्स के स्टॉक की लगातार निगरानी करने को कहा गया।
नशामुक्त मुंगेली की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कलेक्टर ने स्कूल और कॉलेज के 500 मीटर के दायरे में पान दुकानों और नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज करने, सफेमा और कोटपा एक्ट के तहत की गई कार्रवाई की समीक्षा करने के साथ-साथ एनकॉर्ड पोर्टल पर समय-सीमा में रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा, कलेक्टर ने नारकोटिक दवाओं के अवैध सेवन को रोकने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने और नशामुक्ति केंद्रों की गतिविधियों की निगरानी करने के निर्देश दिए। सड़कों पर निर्माण सामग्री रखने से होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए उन्होंने ऐसे मामलों में भी सख्ती बरतने को कहा।
बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर, एसडीएम अजय शतरंज, एसडीएम रेखा चंद्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



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