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फिर चाकूबाजी से दहला बिलासपुर: चर्चित मिनी बस्ती में नाबालिग की बेरहमी से हत्या, आपसी रंजिश में बना निशाना

फिर चाकूबाजी से दहला बिलासपुर: चर्चित मिनी बस्ती में नाबालिग की बेरहमी से हत्या, आपसी रंजिश में बना निशाना


बिलासपुर, छत्तीसगढ़ | प्रधान संपादक – दुलाल मुखर्जी 7739000835

शांत माने जाने वाले शहर बिलासपुर की चर्चित जरहाभाठा मिनी बस्ती एक बार फिर खून से लाल हो गई। शनिवार रात एक 16 वर्षीय नाबालिग सुनील बांधे की चाकू घोंपकर निर्मम हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि यह हत्या आपसी रंजिश के चलते हुई, लेकिन मृतक का इससे कोई सीधा संबंध नहीं था।

घटना का विवरण:

घटना के वक्त सुनील खाना खाकर बाहर टहलने निकला था। उसी समय दो गुटों के बीच विवाद चल रहा था। हमलावरों ने सुनील को दूसरे पक्ष का साथी समझकर उस पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। सुनील को सीने और बाएं हाथ में गंभीर चोटें आईं।

खून से लथपथ सुनील को साथी लोग लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने तुरंत उसे अस्पताल ले जाने को कहा। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक का पारिवारिक परिचय:

मृतक सुनील बांधे परिवार के 5 भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी उम्र केवल 16 वर्ष थी। उसका किसी विवाद से कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन उसे जानबूझकर निशाना बनाया गया।

भाई विजय बांधे ने बताया कि यह पूरी तरह से निर्दोष की हत्या है।

पुलिस कार्रवाई:

सिविल लाइन पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

थाना परिसर में मृतक के परिजनों, खासकर महिलाओं ने "जान के बदले जान" की मांग करते हुए आरोपियों को फांसी देने की मांग की।

अस्पताल में मातम और सुरक्षा व्यवस्था:

घटना की खबर मिलते ही जिला अस्पताल में भारी भीड़ जुट गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का आक्रोश और मांग:

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मिनी बस्ती में लगातार बढ़ रहे अपराधों पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।

उनका कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह क्षेत्र अपराधियों का अड्डा बन जाएगा।

बड़ा सवाल:

यह कोई पहली बार नहीं है जब जरहाभाठा मिनी बस्ती में हिंसा हुई हो। अब सवाल उठता है —

"कब तक शांत माने जाने वाले बिलासपुर को अपराधी यूं ही खून से रंगते रहेंगे?"



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